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Friday, July 5, 2024

राहुल गांधी संसद के भीतर सांसदों को अराजकता फैलाने के लिए इशारा कर रहा है। हमलोग इसे मंदबुद्धि बोलते आये हैं, लेकिन ये एक बहुत बड़ा अराजकतावादी है। इसके पास नफरत से भरा हुआ एक कुटिल मस्तिष्क है। इसकी

राहुल गांधी संसद के भीतर सांसदों को अराजकता फैलाने के लिए इशारा कर रहा है। हमलोग इसे मंदबुद्धि बोलते आये हैं, लेकिन ये एक बहुत बड़ा अराजकतावादी है। इसके पास नफरत से भरा हुआ एक कुटिल मस्तिष्क है। इसकी जन्म कुण्डली में मन का कारक चन्द्रमा अपनी नीच राशि वृश्चिक में बैठा है। इसके लग्न का स्वामी शनि अपनी नीच राशि मेष में बैठा है। इसका चन्द्रमा और लग्नेश शनि दोनों नीच राशि में बैठे हैं और दोनों राशियों का स्वामी मंगल है। 


इस समय इसकी मंगल की ही महादशा में राहु की अन्तरदशा चल रही है, इसलिए ये षड़यंत्र करके देश में अराजकता फैलाते-फैलाते लोकतंत्र के मन्दिर संसद में अराजकता फैलाने लगा है। यह दशा अपनेआप में अंगारक और विध्वंसकारी है। राहु इसकी कुण्डली के दूसरे भाव में बैठा है जो वाणी का भाव है। राहु कुम्भ राशि में और शतभिषा नक्षत्र में है। शतभिषा नक्षत्र का स्वामी भी राहु ही होता है और कुम्भ को noncommittal राशि ही माना जाता है जिस पर अशुभ योग हो जाए तो ऐसा व्यक्ति भरोसे के योग्य नहीं रह पाता है, क्योंकि ये किसी के साथ प्रतिबद्ध नहीं रह सकता है। 


वाणी का घर इस राहु से बुरी तरह दूषित होने के कारण इस चुनाव में राहुल गांधी ने सिर्फ झूठ और अफवाह फैलाया और अपनी स्थिति को मजबूत किया। ऐसे झूठे वादे किये जिसके लिए उसके मन में कोई प्रतिबद्धता नहीं थी। इस राहु ने जॉर्ज सोरोस जैसे भारत विरोधी ताकतों से इसे भरपूर सहयोग भी करवाया, जिससे इसका झूठ गाँव-गाँव तक पहुँचाया जा सका। इसने भारत की आम जनता को धोखा दिया है। इसे अब और हल्के में नहीं लिया जा सकता है। ये हमें शिव के अभयमुद्रा में फँसाकर स्वयं अराजकता का ताण्डव कर रहा है। यदि आज महात्मा गांधी जीवित होते तो इसे बताते कि ये जो कर रहा है वो भी हिंसा ही है।




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