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Friday, August 30, 2024

DID ANYONE NOTICE THE EIGHT BIG STEPS TAKEN IN 10 DAYS BY THE MINISTRY OF HOME AFFAIRS IN J&K ?

 *DID ANYONE NOTICE THE EIGHT BIG STEPS TAKEN IN 10 DAYS BY THE MINISTRY OF HOME AFFAIRS IN J&K ?*


1. 5 Lakh Hindu-Sikh Families Became Jammu & Kashmir Domiciles.


2. All Perks / Facilities Withdrawn From Omar Abdullah & Mehbooba.


3. Kashmir Lost Control Over All Universities Including Jammu & Kashmir National Law University.


4. Kashmir Lost Control Over Hindu Shrines.


5. Competent Authority Empowered To Take Suo Moto Notice And Evict Encroachers From Properties Hindus Left Behind In Kashmir In 1990.


6. Kashmir Lost Control Over All Golf And Other Clubs In J&K.


7. Role Of Kashmir (CM) In University Affairs Reduced To Zero.


8. Legal Protection Granted To Anti-Nationals In J&K 42 Years Ago revoked

Now, Those Facing Public Safety Act, 1978, Can Be Put In Any Jail Outside J&K.


9. No Secretariat Move for Now From Jammu To Kashmir Or Secretariat Will Continue To Function In Jammu.


Some more additions :

1.  All facilities withdrawn from all ex CM’s including Farooq, Omar, Azad, Mehbooba including accommodation and vehicles. 

2.  All Universities now directly controlled by New Delhi and curriculum in these universities to be modified away from being Kashmir centric. 

3.  Hindu shrines were always controlled by the Dharmath Trust or respective Shrine Boards. Now these boards report directly to Home Ministry. But that is not all. Now even J&K Waqf Board (Auqaf) has been taken over by New Delhi and all its assets, which till now were created by contributors and niyaz from Kashmiri Muslims, have been taken over by New Delhi and will be controlled by them. 

4.  New Delhi has empowered local administration to evict locals from properties they might have purchased from Pandits. Sale deeds could be nullified. 

5.  Not only golf courses but all forest lands and tourist development authorities are now directly controlled by New Delhi. They can issue, allot, lease or provide prime land and facilities to anybody from India now. 

6.  J&K CM has been reduced to number 15 on the Warrant of Precedence from earlier 7. 

All nominations of J&K CM from Universory boards or Waqf boards has been removed. 

7.   All Kashmiri IAS officers have been posted in less important positions, while non local officials are running the  administration from Jammu. 

8.   Land banks of thousands of kanals have been indefinite and earmarked in different districts of Kashmir to be allotted to non state subjects in the name of ‘investment and industry’.


*We were Wondering WHY Home Minister is So Quiet. He Silently Enforced These Actions In J&K.*


Hats off... really hats off!!!!

Thursday, August 29, 2024

*लड़का एक पैदा करेंगे,* *कोठी 04 बनाएंगे

 *लड़का एक पैदा करेंगे,*

*कोठी 04 बनाएंगे,*

*फिर*

*झाडू पौछा औऱ घर में काम वाली बाई रेहाना औऱ नफीसा को रखेंगे*


*साइकिल, स्कूटर औऱ कार क़ी मरम्मत कल्लन औऱ मुश्ताक से करवायेंगे*


*बाल व दाढ़ी जुम्मन मियाँ से बनवाएंगे*


*दूध रफीक औऱ शफीक से लेंगे*


*कपडे हुसैन और महबूब से सिलवाएंगे*


*नफीस के प्रेस में शादी का कार्ड छपवायेंगे*


*मेहंदी सहनवाज और शान मोहमद से लगाएंगे*


*आजाद का 50 हजार का बैंड बजवाएंगे,*


*मुनव्वर की आतिशबाजी छुड़वाएंगे,*


*बग्गी रईस की करेंगे,*


*टेंट रशीद का करेंगे,*


*बस खालिद भाई की करेंगे,*


*नाई फरीद को बुलाएंगे,*


*फिर अपनी लुगाइयों को आधे कपड़े पहना कर उनके बीच में सड़कों पर ठुमके लगवाएंगे,*


*फिर दारू पीकर 100,200, 500, 2000 हजार रू० के नोट बरसाएंगे,*


*Social Media पर जिहाद जिहाद चिल्लाएंगे, बढ़ती मुस्लिम आबादी का शोर मचाएंगे,*

*बन्द करो यह फालतू का रोना धोना,अगर हिंदुत्व की वास्तव में चिंता करते हो तो*

 *यह प्रतिज्ञा करो कि हिन्दू विरोधी को आज से कोई भी आर्थिक लाभ नहीं देंगे,* 


*जब किसी मुस्लिम फकीर के पास न जमीन है न नौकरी फिर वह कैसे 14 बच्चे पाल रहा है क्योंकि तुम रोज उसकी झोली में 50 किलो आटा भर देते हो, इस आटे को खाकर ही वह 14 बच्चे बनाता है व रोज गाय का मांस लाता है*

*मुस्लिम आबादी का 05% प्रतिशत भाग फकीरों का है यानि देश में एक करोड़ जिहादियों की आबादी हमारे दिए आटे से पल व बढ़ रही है।*

*कल से इन जिहादियों को केवल भीख देनी ही बन्द करके देख लो न आबादी बढ़ा पाएंगे न जिहाद चला पाएंगे*

*देश की दुर्दशा का प्रमुख घटक खुद हिंदू है*


*मकान बनाओगे कलीम से*

*प्लंबर होगा अनीश*

*इलेक्ट्रीशियन होगा फारुख*

*कारपेंटर होगा सलीम*

*अगर ऐसे ही इन जिहादियों को रोजगार देते रहोगे तो कुछ वर्षों के बाद सिवाय हाथ मलने के अलावा कुछ नहीं  बचेगा।*

*जागो हिन्दू जागो*

*अभी नहीं तो फिर कभी नहीं*🌺नारायण🌺🙏🏻

लंदन के बस चालक का जवाब सुनिए... रोचक लेकिन सच्ची घटना*


*एक अरब मुस्लिम लन्दन में एक बस में चढ़ा और उसने बस चालक से अनुरोध किया कि "बस में बज रहे पाश्चात्य संगीत (Western Music) को तत्काल बन्द कर दे।"*


*बस चालक ने इसका कारण पूछा तो अरब मुस्लिम ने कहा कि "इस्लाम की शिक्षा के अनुसार संगीत सुनना हराम है क्यूँ कि प्यारे नबी के समय संगीत नहीं था और विशेष रूप से पाश्चात्य संगीत।"*


*बस चालक ने विनम्रतापूर्वक रेडियो बन्द कर दिया!*

*बस का दरवाज़ा खोला और अरब मुस्लिम को बस से नीचे उतर जाने का निवेदन किया!*


*अरब मुस्लिम ने इसका कारण पूछा।*

*बस चालक ने विनम्रता से उत्तर दिया - "हे अरबी भाई! प्यारे नबी के समय कोई टेक्सी नहीं थी, कोई बस नहीं थी, कोई बम नहीं थे, हवाई जहाजों का अपहरण करने वाले नहीं थे, मस्जिद में शोरगुल मचाने वाले लाउडस्पीकर नहीं थे, कोई आत्मघाती हमले नहीं होते थे, आर डी एक्स नहीं था, AK 47 नहीं थी, सर्वत्र केवल शान्ति थी।*


*इस्लामियत के नाम पर दोहरी चाल कहीं और जाकर चलाओ।*  *चुपचाप नीचे उतर जाओ और गंतव्य तक पहुँचने के लिए ऊँट का इन्तजार करो.*..!!...

:🙏आज लिखना मेरी मजबूरी है,और पढ़ना आपको जरूर  चाहिए 🙏


 *नानक से पहले कोई सिक्ख नहीं था!*


जीसस से पहले कोई ईसाई नहीं था! 


 *मुहम्मद से पहले कोई मुसलमान नहीं था!*


 ऋषभदेव से पहले कोई जैनी नहीं था! 


*बुद्घ से पहले कोई बौद्ध नहीं था!*


 कार्ल मार्क्स से पहले कोई वामपंथी नहीं था! 


लेकिन :

*कृष्ण* से पहले *राम...* 

*राम* से पहले *जमदग्नि...*

*जमदग्नि* से पहले *अत्री...*

*अत्री* से पहले *अगस्त्य ...*

*अगस्त्य से पहले पतंजलि...*

*पतंजलि* से पहले *कणाद...*.

*कणाद* से पहले *याज्ञवल्क्य...*.

*याज्ञवलक्य* से पहले...  

सभी *"सनातन वैदिक"* धर्मी थे..!


 *"राजनीतिक शतरंज" की इन -"11चालों" को, ध्यान से -"देखें और समझें" ....?*


*01*. 

*"मुगल", "भारतीय" बन गए...? और, "भारतीय., "काफ़िर"..*


*02*. 

"मोमिन", "कश्मीरी" बन गए... ?

और, "कश्मीरी पंडित", "शरणार्थी"....?


*03*. 

"बांग्लादेशी"- "बंगाली" बन गये....?

और, "बंगाली", "बाहरी हिन्दू" .....?


*04*. 

*"सैनिको" के "हत्यारे" और

"पत्थर बरसाने वाले"....*

"आंदोलनकारी" बन गए.....? और,"सेना", 

"मानवाधिकार उल्लंघनकारी"....?*


*05*. 

*"टुकड़े- टुकड़े गैंग", "देशभक्त" बन गया...?*

और, "देशभक्त", 

"ब्रांडेड कट्टर अतिवादी ......?*


*06*. 

"चिता की लकड़ी", 

"पर्यावरणीय चिंता" बन गई.....

और, "दफनाने" में "बर्बाद होने वाली भूमि", 

"जन्मसिद्ध अधिकार" हो गई.....?


*07*. 

"राखी" में इस्तेमाल किया गये

-"ऊन" से, "भेड़" को "चोट" पहुंची..? और

* "बकरीद" में -"हजारों बकरियों" का "कत्ल",

"धार्मिक स्वतंत्रता" बन गया....?*


*08*. 

"तुष्टिकरण", "धर्मनिरपेक्ष" हो गया.....?

जबकि, "समानता", "कम्यूनल" हो गई....?


*9*. 

"आरएसएस", "आतंकवादी" बन गया...?

और, "ओसामा जी"..., "हाफिज साहेब"..., और -"हुर्रियत", 

"शांति के शिखर"......


*10*. 

*“भारत माता की जय”*,

"सांप्रदायिक" हो गया....?और,

“भारत तेरे टुकडे होंगे”,

*"फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन हो गया"....?*


*11*.“फूट डालो राज करो” ,"नियम" बन गया.... ?और.., 

*“सबका साथ सबका विकास” "जुमला"..*?


ज़रा "सोचो"...? और "समझो"...  कि


*"आखिर" एक - "हिन्दू बहुल देश" में ....,*

"ये सब" हुआ कैसे...??? 


सिर्फ पढ़ोगे ? 

या फारवर्ड भी करोगे ?  

नहीं ना???


मुझे पता था


*"हिन्दू" जो "ठहरे"...?*!!!


ऐसे ही सोए रहे .....? तो - 

पता भी नही चलेगा..?, 

"कब"... 

"आतंकी देश" के "नागरिक" बन गए...?


*" हिंदू" होने के नाते, मेरी -"आप" से "विनती" है, कि कम से कम "10 लोग", अथवा -"ग्रुप" में अवश्य भेजिए।* 


यह अथक प्रयास से सारी जानकारी को इकट्ठा किया गया है। इसे अपने तक ना रखे सभी हिन्दू भाइयो के व्हाट्सएप के ग्रुप तक पहुचाने में उंगलियों को काम पर लगाए  ।

जय श्री राम 🚩🚩🚩🕉️

*भविष्य में न बीजेपी होगी, न टीएमसी, न कांग्रेस, न राइट या लेफ्ट* इस्लाम भारत का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है

 *भविष्य में न बीजेपी होगी, न टीएमसी, न कांग्रेस, न राइट या लेफ्ट* इस्लाम भारत का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है


     *100% सटीक जानकारी चेतावनी: -* भारत गहरी नींद में है, सऊदी अरब के प्रोफेसर नासिर बिन सुलेमान उल उमर कहते हैं

       *सऊदी अरब के प्रोफेसर नासिर बिन सुलेमान उल उमर ने कहा है कि भारत गहरी नींद सो रहा है.  इस्लाम तेजी से बढ़ रहा है, हजारों मुसलमानों ने पुलिस, सेना, नौकरशाही आदि में घुसपैठ की है और प्रमुख संगठनों से संबंधित हैं, इस्लाम भारत में दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।*

       आज भारत भी विनाश के कगार पर है।  जिस तरह किसी देश को उभरने में दशकों लग जाते हैं, उसी तरह उसे खत्म होने में भी वक्त लगता है।

       *भारत रातोंरात खत्म नहीं होगा।  इसे चरणों में हटाया जाता है।  हम मुसलमान इसे बहुत गंभीरता से कर रहे हैं।  भारत बर्बाद है।*

       भारत में प्रतिदिन लगभग 65,000 बच्चे जन्म लेते हैं।  इनमें से लगभग 40,000 मुस्लिम बच्चे हैं और लगभग 25,000 हिंदू और अन्य धर्मों के बच्चे हैं।  यानी जन्म दर कुल मुस्लिम आबादी का लगभग 20% है!!!  अभी पैदा हुए बच्चों में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं और हिंदू अल्पसंख्यक हैं।  इस दर से, भारत में 2050 तक मुस्लिम बहुमत होगा।

       *भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता क्योंकि भारत जल्द ही दंगों की आग प्रज्वलित करेगा।  हम मुस्लिम हिंदुओं को मारेंगे और खत्म करेंगे।  आज, सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मुसलमानों की आबादी लगभग 20% है, लेकिन वास्तव में वे 25% से अधिक हैं।*

       आधिकारिक आंकड़े गलत हैं क्योंकि वहाबी मुसलमान जानबूझकर सही संख्या छिपाते हैं और इस बढ़ती आबादी को काफिर हिंदुओं को अज्ञानता में रखने के हथियार के रूप में दर्ज नहीं करते हैं।

       *भारत में धर्मनिरपेक्षता के नाम पर बहुत सारे घोटाले चल रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण हिंदू अभी भी गहरी नींद में हैं।*

      सवाल उठता है कि हिंदुओं ने कश्मीर से सबक क्यों नहीं सीखा, जहां हिंदुओं को अपनी संपत्ति और सभी महिलाओं और लड़कियों को छोड़ना पड़ा।

      *भारत में धर्मनिरपेक्षता तब तक है जब तक हिंदू बहुसंख्यक हैं और उन्हें नहीं पता कि अल्प संख्यक होने पर उनका क्या होगा ????*

      ये मूर्ख हिंदू पाकिस्तान और बांग्लादेश में नास्तिकों के आंकड़ों को भी नहीं समझते हैं।  "

      *हिन्दू कभी नहीं बोलता, शांत रहता है, उच्च नैतिक पद धारण करता है...*

      पाकिस्तान और बांग्लादेश या कश्मीर...उदाहरण के लिए हिंदुओं का विनाश निश्चित है।

      *केरल, बंगाल, उत्तर प्रदेश, हैदराबाद और अन्य राज्यों के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए, मुस्लिम क्षेत्रों से हिंदू उपनिवेशों में पलायन करने वाले अधिक काफिर हैं।*

       कभी ऐसे इलाके में मत जाना जहां आपके शहर में मुसलमान हों, आप उनकी आंखों के बीच अपनी सांस रोक कर रखें!

      *जाम्बिया और मलेशिया भी इसके उदाहरण हैं।*

       मुस्लिम बहुमत के आने के बाद इस धर्मनिरपेक्ष देश को इस्लामिक देश घोषित कर दिया गया।

       *लंदन, स्वीडन, फ्रांस और नॉर्वे में दैनिक हिंसा के उदाहरण हैं।"*

      क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों हो रहा है?  कौन क्या करना चाहता है ??

      *लोगों में ऐसा डर पैदा करना और उनके दिल में ऐसा डर पैदा करना शांतिदूतों की चालाकी का हिस्सा है, बोलने की हिम्मत मत करो!  नमाज़ के नाम पर दिन में 5 बार मस्जिद में जमा होते हैं और आपके ख़िलाफ़ षडयंत्र रचने वाले इन लोगों को ना समझें !!  !!  वह कसम खाता है और आपको दिन में 5 बार मारने का फैसला करता है .....!!!*

       इसलिए आंख और मुंह बंद करना फायदेमंद नहीं है।  अब समय आ गया है कि अपनी आंखें और मुंह खोलें और लोगों में जागरूकता बढ़ाएं

      *कम समय !!!!  सोचो और समझो।*

       श्री अग्रवाल ने अपने नौकर अब्दुल से पूछा- मेरे 2 बच्चे हैं और मुझे उनके भविष्य की चिंता है, लेकिन आपके 12 बच्चे हैं और आपको अभी तक चिंता नहीं है।

      *अब्दुल्लाः 25 साल बाद मेरे 12 बच्चे तुम्हारी दुकान संभालेंगे.  तुम सिर्फ हमारे लिए कमाते हो, तो मैं क्यों परवाह करूं।  यह उसका मूड है।*

      सियालकोट, लाहौर, गुजरांवाला, करंजी जैसे हिंदुओं द्वारा बनाए गए बड़े किले हमारे लिए बनाए गए थे।  स्वतंत्र भारत में भी कश्मीरी हिंदुओं ने कश्मीर में हमारे लिए बड़े किले बनवाए और अंत में हमने उन पर हमला किया और हमें आपकी चिंता करने की जरूरत नहीं है।

      *इस सच्चाई को हर हिंदू भाई तक पहुंचाएं।  अपनी आँखें खोलो और अपने कान साफ करो और सबको देखो।*


      इसे अपने फोन के सभी व्हाट्सएप नंबरों के साथ शेयर करें और हर हिंदू को भेजे,

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Wednesday, August 28, 2024

ट्रेन में दूसरों के सर पर भी पैर रख कर निकल जाने को तैयार आप, बीच रास्ते में अमाज़ के लिए बिछाई गयी चटाई को देखते ही पेशाब रोक कर बैठ जाते हैं, या लांग जम्प मार के इस तरह निकलते हैं कि चटाई का कोना

 ट्रेन में दूसरों के सर पर भी पैर रख कर निकल जाने को तैयार आप, बीच रास्ते में अमाज़ के लिए बिछाई गयी चटाई को देखते ही पेशाब रोक कर बैठ जाते हैं, या लांग जम्प मार के इस तरह निकलते हैं कि चटाई का कोना भी आपसे छू न जाये ।

तो इसलिए नहीं कि आप बड़े धैर्यवान और सहिष्णु हैं ।

बल्कि इसलिए कि अमाजी को देखकर आपकी पूँछ आपके पैरों के बीच आ जाती है ।


भीड़ भरी सड़कों पर भी फर्राटा भरती आपकी बाइक या गाड़ी शांतिप्रिय बस्ती के पास जाते ही रेंगने लगती है और लोगों की जान की परवाह न करने वाले आप वहाँ मुर्गियों और बकरियों तक की जान की परवाह करने लगते हैं ।

तो इसलिए नहीं कि आप बड़े संस्कारी, नियम पालन करने वाले और अनुशासनप्रिय हैं ।

बल्कि इसलिए कि ऐसी बस्ती के पास पहुँचते ही आपकी जान हलक में आ जाती है।


पुलिस वालों से भी मुँहचावर करने में कभी पीछे ना रहने वाले आप किसी से बहस होने पर चार गोल टोपी वालों के जुटते ही वहाँ से रफूचक्कर होने के रास्ते तलाशने लगते हैं ।

तो इसलिए नहीं कि आप बड़े सभ्य, लड़ाई झगड़ों से दूर रहने वाले, शांतिप्रिय व्यक्ति हैं ।

बल्कि इसलिए कि उनको देखते ही आपकी फट के फ्लावर हो जाती है ।


अपने धर्म की हर छोटी बड़ी बात का मज़ाक होते देख भी आनंद उठाने वाले आप शांतिदूतों' के सामने जब सब धर्मों की अच्छाई का गुणगान करते हुए उसके द्वारा अपने मजहब की 'अच्छाइयों' को बताने पर हाँ में हाँ मिलाने लगते हैं ।

तो इसलिए नहीं कि सच में आप धर्मों को लेकर संवेदनशील हैं ।

बल्कि इसलिए कि उसकी किसी गलत बात का विरोध करने के नाम पर भी आपके पसीने छूट जाते हैं।


किसी शोभायात्रा के समय अपनी कार या बाइक से हॉर्न बजा बजा कर रास्ता बनाने की कोशिश करते आप मुहर्रम के जुलूस में बाइक और गाड़ी चुपचाप किनारे खड़ी कर जब सब सम्प्रदायों के सम्मान की बात का ढोल पीटते हैं

तो इसलिए नहीं कि आप सच में बहुत विनयी प्रकृति के व्यक्ति हैं ।

बल्कि इसलिए कि उस जुलूस में छाती पीटते और सर पर ट्यूबलाइट्स फोड़ते खूनखच्चर लोगों को देख आपकी हवा टाइट हो गयी होती है ।


विचार करियेगा......


ये सच्चाई है और हम सब आज डर में जीने के लिए मजबूर हैं..!


और अगर वो किसी से डरते हैं तो वो बस एक ही पार्टी है और एक ही व्यक्ति है ।


नाम लेने की मुझको जरूरत है क्या ?.....


सोच बदलो तब देश बदलेगा ......

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एक बेटी और एक बेटा होगा तो

 एक बेटी और एक बेटा होगा तो


बेटी भाग जाएगी जिहादी के साथ और बेटा नशा करने में है ही बर्बाद जिहादी बेटे को भी मार के फ़ेक देगा 


इसलिए संख्या बड़ाओ हिन्दूयों जनसंख्या नियंत्रण क़ानून नहीं चाहिए हिन्दू जैन बौद्ध सिख सब संख्या बड़ाओ क्योंकि क़ानून अगर आ गया तो सिर्फ़ हिंदू ही मानेंगे जिहादी नहीं ,


अभी भी बहुत से क़ानून बने पड़े हैं जो सिर्फ़ हिंदू ही मानते हैं जिहादी नहीं, क्योंकि अब सिर्फ़ राष्ट्रधर्म ही नहीं घर परिवार के साथ बहन बेटी को भी बचना है जो की हिन्दू की संख्या बड्ने से ही बच पाएगा हिन्दूयों की नस बंधी बंद करो नहीं तो देश फिर से ग़ुलाम हो जाएगा 


जिहादियों का, और सोचो अगर सर्फ़ एक बेटी बेटा रहेगा तो क्या वो राष्ट्रधर्म की रक्षा हेतु कार्य कर पाएगा या घर परिवार देखेगा दोनो कार्य एक साथ नहीं हो सकते और करना चाहा भी तो दोनो कमो में 100% नहीं दे पाएगा , किसी और का नहीं मैं अपना खुद का उदाहरण दे रहा हूँ


 मैं अपने घर में एक अकेला लड़का हूँ और मुझे बहुत दुःख होता है अगर दो चार भाई बहन होते तो राष्ट्रधर्म का कार्य को 100% दे पाता सन्नेयस ले कर या आर्मी में जा कर और सोचो जिस तरह से मिल्ले जिहादियों की संख्या बड़ रही है आने वाले समय में जिहादी ही जाएँगे आर्मी में भी क्योंकि हिन्दूयों का तो सिर्फ़ एक लड़का लड़की होंगी , और अगर एसा हुआ तो भारत पे फिर से जिहादियों का इस्लामिक राज होगा देश बनेगा तालिबान और फिर ना कोई मोदी ना योगी ना कोई संगठन काम आएगा॥ जाग जाओ रे हिन्दूयों बड़ाओ अपनी संख्या ॥


जाग जाओ रे हिंदूयों।।

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28 अगस्त/जन्म-दिवस प्रथम प्रचारक : बाबासाहब आप्टे

 28 अगस्त/जन्म-दिवस

प्रथम प्रचारक   : बाबासाहब आप्टे


28 अगस्त, 1903 को यवतमाल, महाराष्ट्र के एक निर्धन परिवार में जन्मे उमाकान्त केशव आप्टे का प्रारम्भिक जीवन बड़ी कठिनाइयों में बीता। 16 वर्ष की छोटी अवस्था में पिता का देहान्त होने से परिवार की सारी जिम्मेदारी इन पर ही आ गयी।


इन्हें पुस्तक पढ़ने का बहुत शौक था। आठ वर्ष की अवस्था में इनके मामा ‘ईसप की कथाएँ’ नामक पुस्तक लेकर आये। उमाकान्त देर रात तक उसे पढ़ता रहा। केवल चार घण्टे सोकर उसने फिर पढ़ना शुरू कर दिया। मामा जी अगले दिन वापस जाने वाले थे। अतः उमाकान्त खाना-पीना भूलकर पढ़ने में लगे रहे। खाने के लिए माँ के बुलाने पर भी वह नहीं आया, तो पिताजी छड़ी लेकर आ गये। इस पर उमाकान्त अपनी पीठ उघाड़कर बैठ गया। बोला - आप चाहे जितना मार लें; पर इसेे पढ़े बिना मैं अन्न-जल ग्रहण नहीं करूँगा। उसके हठ के सामने सबको झुकना पड़ा।


छात्र जीवन में वे लोकमान्य तिलक से बहुत प्रभावित थे। एक बार तिलक जी रेल से उधर से गुजरने वाले थे। प्रधानाचार्य नहीं चाहते थे कि विद्यार्थी उनके दर्शन करने जाएँ। अतः उन्होंने फाटक बन्द करा दिया। विद्यालय का समय समाप्त होने पर उमाकान्त ने जाना चाहा; पर अध्यापक ने जाने नहीं दिया। जिद करने पर अध्यापक ने छड़ी से उनकी पिटाई कर दी।


इसी बीच रेल चली गयी। अब अध्यापक ने सबको छोड़ दिया। उमाकान्त ने गुस्से में कहा कि आपने भले ही मुझे नहीं जाने दिया; पर मैंने मन ही मन तिलक जी के दर्शन कर लिये हैं और उनके आदेशानुसार अपना पूरा जीवन देश को अर्पित करने का निश्चय भी कर लिया है। अध्यापक अपना सिर पीटकर रह गये।


मैट्रिक करने के बाद घर की स्थिति को देखकर उन्होंने कुछ समय धामण गाँव में अध्यापन कार्य किया; पर पढ़ाते समय वे हर घटना को राष्ट्रवादी पुट देते रहते थे। एक बार उन्होंने विद्यालय में तिलक जयन्ती मनाई। इससे प्रधानाचार्य बहुत नाराज हुए। इस पर आप्टे जी ने त्यागपत्र दे दिया तथा नागपुर आकर एक प्रेस में काम करने लगे। इसी समय उनका परिचय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डा. हेडगेवार से हुआ। बस फिर क्या था, आप्टे जी क्रमशः संघ के लिए समर्पित होते चले गये।


पुस्तकों के प्रति उनकी लगन के कारण डा. हेडगेवार उन्हें ‘अक्षर शत्रु’ कहते थे। आप्टे जी ने हाथ से लिखकर दासबोध तथा टाइप कर वीर सावरकर की प्रतिबन्धित पुस्तक ‘सन 1857 का स्वाधीनता संग्राम’ अनेक नवयुवकों को पढ़ने को उपलब्ध करायीं। उन्होंने अनेक स्थानों पर नौकरी की; पर नौकरी के अतिरिक्त शेष समय वे संघ कार्य में लगाते थे।


संघ कार्य के लिए अब उन्हें नागपुर से बाहर भी प्रवास करना पड़ता था। अतः उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरा समय संघ के लिए लगाने लगे। इस प्रकार वे संघ के प्रथम प्रचारक बने। आगे चलकर डा0 जी उन्हें देश के अन्य भागों में भी भेजने लगे। इस प्रकार वे संघ के अघोषित प्रचार प्रमुख हो गये।


उनकी अध्ययनशीलता, परिश्रम, स्वाभाविक प्रौढ़ता तथा बातचीत की निराली शैली के कारण डा. जी ने उन्हें ‘बाबासाहब’ नाम दिया था। दशावतार जैसी प्राचीन कथाओं को आधुनिक सन्दर्भों में सुनाने की उनकी शैली अद्भुत थी। संघ में अनेक दायित्वों को निभाते हुए बाबासाहब आप्टे 27 जुलाई, 1972 (गुरुपूर्णिमा) को दिवंगत हो गये।

*मेडिकल किडनैपिंग* ये होती है

 *मेडिकल किडनैपिंग* ये होती है ---- 

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अभिनव वर्मा की माँ ,जो सिर्फ 50 बरस की थीं , पेट में दर्द उठा ,नज़दीक ही फोर्टिस अस्पताल बनेरघट्टा, बंगलौर है ! डा कनिराज ने माँ को देखा और अल्ट्रा साउंड कराने को कहा ! फोर्टिस में ही अल्ट्रा साउंड हुआ और डा कनिराज ने बताया कि गाल ब्लैडर में पथरी है ! एक छोटा सा ऑपरेशन होगा,माँ स्वस्थ हो जाएंगी ! अभिनव माँ को घर लेकर आ गए और पेन-किलर के उपयोग से दर्द खत्म भी हो गया !!

कुछ दिन बाद अभिनव वर्मा को फोर्टिस से फोन कर डा कनिराज ने हिदायत दी कि यूँ पथरी का गाल ब्लैडर में रहना खतरनाक होगा,अतः अभिनव को अपनी माँ का ऑपरेशन तुरंत करा लेना ज़रूरी है ! अभिनव जब अपनी माँ को फोर्टिस बंगलौर लेकर पहुचे तो एक दूसरे डॉक्टर मो शब्बीर अहमद ने अटेंड किया ,जो एंडोस्कोपी के एक्सपर्ट थे,उन्होंने बताया कि एहतियात के लिए ERCP करा ली जाय , डा अहमद को पैंक्रियास कैंसर का .05 % शक था ! अभिनव मजबूर थे, डॉक्टर भगवान होता है, झूठ तो नहीं बोलेगा, सो पैंक्रियास और गाल ब्लैडर की बायोप्सी की गई !! रिपोर्ट नेगेटिव आई मगर बॉयोप्सी और एंडोस्कोपी की प्रक्रिया के बाद माँ को भयंकर दर्द शुरू हो गया ! गाल ब्लैडर के ऑपरेशन को छोड़, माँ को पेट दर्द और इंटर्नल ब्लीडिंग के शक में ICU में पंहुचा दिया गया ! आगे पढ़ने के लिए धैर्य और मज़बूत दिल चाहिए !!

जब अभिनव की माँ अस्पताल में भर्ती हुई थीं तो लिवर,हार्ट,किडनी और सारे ब्लड रिपोर्ट पूरी तरह नार्मल थे ! डॉक्टरों ने बताना शुरू किया कि अब लिवर अफेक्टेड हो गया है, फिर किडनी के लिए कह दिया गया कि डायलिसिस होगा ! एक दिन कहा अब बीपी बहुत 'लो' जा रहा है तो पेस मेकर लगाना पड़ेगा, पेस मेकर लग गया मगर हालात बद से बदतर हो गए ! पेट का दर्द भी बढ़ता जा रहा था और शरीर के अंग एक-एक कर साथ छोड़ रहे थे ! अब तक अभिनव की माँ को फोर्टिस ICU में एक माह से ऊपर हो चुका था !

एक दिन डॉक्टर ने कहा कि बॉडी में शरीर के ऑक्सीजन सप्लाई में कुछ गड़बड़ हो गई अतः ऑपरेशन करना होगा ! ऑपरेशन टेबल पर लिटाने के बाद डॉक्टर, ऑपरेशन थिएटर के बाहर निकल कर तुरंत कई लाख की रकम जमा कराने को कहता है और उसके बाद ही ऑपरेशन करने की बात करता है ! अभिनव तुरंत दौड़ता है और अपने रिश्तेदारों ,मित्रों के सामने गिड़गिड़ाता है,रकम उसी दिन इकट्ठी कर फोर्टिस में जमा कराई गई,पैसे जमा होने के बाद भी डॉक्टर ऑपरेशन कैंसिल कर देते हैं !

हालात क्यों बिगड़ रहे हैं, इंफेक्शन क्यों होते जा रहे थे, डॉक्टर अभिनव को कुछ नहीं बताते ! सिर्फ दवा, ड्रिप, खून की बोतलें और माँ की बेहोशी में अभिनव स्वयं आर्थिक और मॉनसिक रूप से टूट चुका था ! डॉक्टरों को जब अभिनव से पैसा जमा कराना होता था तब ही वह अभिनव से बात करते थे ! 

माँ बेहोशी में कराहती थी ! अभिनव माँ को देख कर रोता था कि इस माँ को कभी -कभी हलके पेट दर्द के अलावा कोई तकलीफ न थी ! उसकी हॅसमुख और खूबसूरत माँ को फोर्टिस की नज़र लग गई थी ! 50 दिन ICU में रहने के बाद दर्द में कराहते हुए मां ने दुनिया से विदा ले ली ! खर्चा-अस्पताल का बिल रु 43 लाख ,दवाइयों का बिल 12 लाख और 50 यूनिट खून ! अभिनव की माँ की देह को शवग्रह में रखवा दिया गया और अभिनव को शेष भुगतान जमा कराने के लिए कहा गया और शव के इर्द गिर्द बाउंसर्स लगा दिए गए ! अभिनव ने सिर्फ एक छोटी सी शर्त रखी कि मेरी माँ की सारी रिपोर्ट्स और माँ के शरीर की जांच एक स्वतंत्र डॉक्टरों की टीम द्वारा कराइ जाए ! फोर्टिस ने बमुश्किल अनुमति दी !!!


रिपोर्ट आई ............... अभिनव वर्मा की माँ के गाल ब्लैडर में कभी कोई पथरी नहीं थी ..............!

साभार एक विमर्श.... यूं तो #भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है

 साभार एक विमर्श.... यूं तो #भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है।लेकिन आज #योग और #आयुर्वेद पर चर्चा कर रहे हैं।ऐसे माहौल में जब #एलोपैथी ने ...