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Sunday, August 25, 2024

*श्रीकृष्ण चरित्र*

🙏 *दिव्यचिन्तनम्*🙏


             *श्रीकृष्ण चरित्र*


   *महान चरित्र और सभी विद्या तथा समस्त कलाओं के विज्ञ , पुरे विश्व के लिए प्रेरणा स्त्रोत  योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण जी*

*आइए आज हम आपको बतलाते हैं कि  योगीराज भगवान श्री कृष्ण जी का चित्र और चरित्र कैसा था जानें मानें और जीवन में आत्मसात करें मैंने आप लोगों को को श्रीकृष्ण जी के सारतत्व को बतलाने का दुस्साहस किया है। क्योंकि भगवान श्री कृष्ण जी का चरित्र असीम है तथापि कुछ पंक्तियां लिखकर उनके जन्मदिन पर श्रद्धासुमन अर्पित करने जा रहा हूं।*

*भगवान श्री कृष्ण जी आदर्श पुरूष, आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श शिष्य, आदर्श मित्र, आदर्श नौजवान, आदर्श पति, आदर्श पिता,  आदर्श गुरू ,आदर्श राजा, नायक, देशभक्त, राष्ट्रभक्त,वेदज्ञ, धर्मज्ञ, मर्मज्ञ,नीतज्ञ, महाव्रती, महातपी,महामुनि, महान दयालु, महान कृपालु और साक्षात भगवान थे ईश्वर नहीं थे क्योंकि ईश्वर अवतार नहीं लेता और नहीं ईश्वर में कोई विकार होता है।*

*भगवान श्री कृष्ण जी महायोगी थे।इसकी जानकारी केलिए महर्षि तत्त्ववेत्ता वेदव्यास जी द्वारा प्रणीत संस्कृतके महाभारत को पढ़ना और समझना पड़ेगा तथा दुनिया को वास्तविकता बतलाना पड़ेगा।*

*भगवान श्री कृष्ण जी एक पत्निव्रती थे। जिनका नाम रूक्मिणी थी। किन्तु लोगों ने उनके सोलह हजार रानियां हैं कहकर व्यसनी और व्यभिचारी सिद्ध कर दिया है जो कि भगवान श्री कृष्ण जी के चरित्र पर सवाल खड़े होता जा रहा है।*

*उनका एक ही पुत्र प्रद्युम्न साहसी और वीर था। यदि हजारों रानियां थे तो उनके अन्य सन्तान कहां हैं?*

*भगवान श्री कृष्ण जी आदित्य ब्रह्मचारी थे,पीतवस्त्र और मोरपंख ब्रह्मचारी का प्रमाण है।बाद में आदर्श गृहस्थ बने।*

*भगवान श्री कृष्ण जी कोई चोर डकैत नहीं थे इतिहासकारों ने तथा मतावलंबियों ने उनके चरित्र को कलंकित करते हुए उन्हें चोर सिद्ध कर दिया है*।


*वे महान सहनशील थे। इसका प्रमाण"प्रथम अपशब्द पर सर काटने की शक्ति होने बाद भी  99 और गाली सुनने का 'सामर्थ्य' है.. तो वो भगवान श्री कृष्ण जी ही थे*।


*'सुदर्शन' जैसा महान अस्त्र होने के बाद भी यदि हाथ में सर्वदा 'मुरली' है.. तो वो भगवान कृष्ण जी हैं.*।


*'द्वारिका' का वैभव होने के बाद भी यदि उनका 'सुदामा' जैसे गरीब मित्र है.. तो वो भगवान श्री कृष्ण जी  हैं.*।


 *'मृत्यु'  दुःख के सामने भी यदि मुस्कुराने वाले हैं और हमेशा प्रसन्नता के साक्षात्मूर्ति ' हैं.. तो वो भगवान श्री कृष्ण जी हैं.*।


 *'सर्वसामर्थ्य' होने पर भी यदि सारथी' बने हैं.. तो वो भगवान श्री कृष्ण जी ही हैं.*।


*सफल नेतृत्व और ज्ञान की पराकाष्ठा.. भगवान श्री कृष्ण जी ही हैं वे अथाह गुणों के स्वामी हैं उनके एकाध गुण को भी हम अपना लेंते हैं तो हमारा कल्याण हो सकता है तथा हमेशा के लिए धन्य हो सकते हैं।*

       

*न्याय की कितनी जटिल* *व्यवस्था है*

 *न्याय की कितनी जटिल* 

*व्यवस्था है* ----- 

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वर्ष 2000 में दिल्ली के लाल किला 

परिसर में तैनात *7 राज रिफ यूनिट* 

पर आतंकवादियों ने हमला किया, 

जिसके परिणामस्वरूप तीन सैनिक 

मारे गए।


मुख्य अपराधी *मोहम्मद आरिफ* 

को चार दिन बाद दिल्ली पुलिस ने 

गिरफ्तार कर लिया। अब भारतीय 

न्याय व्यवस्था की खूबसूरती 

देखिए:----- 


ट्रायल कोर्ट ने उसे मौत की सजा 

सुनाने में पांच साल लगा दिए 

(2005)।


ट्रायल कोर्ट के आदेश की पुष्टि 

करने में दिल्ली हाईकोर्ट को दो 

साल और लगे (2007)।


इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने उसी 

आदेश को बनाए रखने में चार 

साल और लगाए (2011) और 

समीक्षा याचिका को खारिज करने 

में एक और साल (2012), फिर 

क्यूरेटिव याचिका को खारिज 

करने में दो और साल (2014)।


सितंबर 2014 में सुप्रीम कोर्ट की 

संविधान पीठ ने फैसला सुनाया 

कि जिन मामलों में हाईकोर्ट ने 

मौत की सजा सुनाई है, ऐसे 

मामलों को तीन जजों की पीठ के 

समक्ष सूचीबद्ध किया जाना 

चाहिए। इस प्रकार, आरिफ एक 

बार फिर अपनी दायर समीक्षा 

याचिका पर फिर से सुनवाई के 

लिए पात्र हो गया।


इसके आठ साल बाद सुप्रीम कोर्ट 

ने उसकी समीक्षा याचिका (2022) 

खारिज कर दी।


फिर आरिफ ने दया याचिका दायर 

की, जिसे 12 जून 2024 को 

राष्ट्रपति ने खारिज कर दिया।


हमारे तीन सैनिकों की हत्या करने 

और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने 

के चौबीस साल बाद भी आरिफ 

जिंदा है और करदाताओं के पैसे 

पर जी रहा है। वाह!


*भारतीय न्यायपालिका* --- 

आपकी अजीब न्याय प्रणाली को 

सलाम !! जो बदमाशों, अपराधियों 

और आतंकवादियों के पक्ष में पूरी 

तरह से झुकी हुई है!

Islam is specially treated in India than SC, ST and OBC ...

 1. विश्व के लगभग ५७ मुस्लिम देशों में ऐसा कोई देश बताइये जहाँ हज यात्रा के लिए विशेष रियायतें दी जाती हैं।

2. कोई एक ऐसा मुस्लिम देश बताइये जहाँ अल्पसंख्यक हिन्दुओं को विशेष अधिकार दिये गये हैं?

3. कोई एक ऐसा मुस्लिम देश बताइये जहाँ किसी गैर मुस्लिम को मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, या राष्ट्रपति बनाया गया हो?

4. एक भी ऐसा देश बताइए जहाँ की ८५% बहुसंख्यक जनता १५% अल्पसंख्यक की दया पर जीवित हो।

5. कोई एक भी मुल्ला या मौलवी बताइये जिसने आतंकवाद के खिलाफ फतवा जारी किया हो?

6. हिन्दू बाहुल्य प्रदेश महाराष्ट्र, बिहार, केरल, पांडिचेरी इत्यादि में मुस्लिम मुख्यमंत्री हुए हैं। क्या आप कभी मुस्लिम बाहुल्य प्रदेश जम्मू-कश्मीर, या ईसाई बाहुल्य नागालैंड व मिजोराम में हिन्दू मुख्यमंत्री की कल्पना कर सकते हैं?

7. यदि ८५ प्रतिशत हिन्दू असहिष्णु हैं तो मस्जिदों और मदरसों में वृद्धि कैसे हो रही है? मुस्लिम दिन में पांच बार सार्वजनिक रास्तों पर नमाज कैसे अदा कर रहें हैं और लाउडस्पीकर से यह घोषणा कैसे करते हैं कि अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं है?

8. हिन्दुओं ने भारत का ३० प्रतिशत भूभाग मुसलमानों को जब सन् १९४७ में सहजता से दे दिया तो अब उन्हें अपने पवित्र तीर्थस्थान अयोध्या, मथुरा और काशी के लिए भीख क्यों मागनी पड़ती है?

9. श्रद्धालुओं द्वारा मंदिरों के कल्याण हेतु दी गयी दान-राशि मुस्लिमों व ईसाइयों के कल्याण के लिए खर्च की जाती है। क्या इसी प्रकार मदरसों व चर्चों के द्वारा संग्रहित धन राशि हिन्दुओं के कल्याण में खर्च की जाती है?

10. जब यूनिफार्म स्कूली बच्चों के लिए जरूरी है, तो नागरिकों को लिए समान नागरिक कानून क्यों नहीं?

11. यदि महाराष्ट्र, गुजरात, उ. प्रदेश, बिहार, केरल आदि भारत के अभिन्न अंग हैं, तो फिर जम्मू-कश्मीर क्या है? क्या वहाँ धारा ३७० उचित है?

12. गाँधी जी ने खिलाफत आन्दोलन का सर्मथन क्यों किया? जबकि उस आंदोलन का देश की स्वतंत्रता से कोई लेना - देना नहीं था।

13. सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के समय गाँधीजी ने मंत्रिमंडल के निर्णय का विरोध कर - ‘पुनर्निर्माण सरकारी पैसे से न होकर जनता के पैसे से हो,‘ ऐसा कहा था। जबकि जनवरी १९४८ में दिल्ली की एक मस्जिद का निर्माण सरकारी पैसे से कराने के लिए पं. नेहरू और सरदार पटेल पर उन्होंने दबाव डाला था। क्यों?

14. यदि मुसलमान व क्रिश्चियन महाराष्ट्र, उ. प्रदेश, बिहार, उत्तरांचल, हरियाणा, पंजाब आदि में अल्पसंख्यक हैं तो क्या मिजोरम, नागालैण्ड, जम्मू-कश्मीर, मेघालय आदि राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक नहीं? फिर क्यों नहीं उन्हें (हिन्दुओं को) भी अल्पसंख्यकों के समान अधिकार दिये जाते हैं?

15. क्या आप को लगता है कि हिन्दुओं के लिए कोई समस्या है या फिर हिन्दू कहना ही स्वंय में एक समस्या है?

16. गोधरा पर इतना शोर क्यों जब कि चार लाख विस्थापित कश्मीरी हिन्दुओं के बारे में कोई कुछ नहीं बोलता? क्या गोधरा में ५९ हिन्दुओं के नरसंहार के लिए कोई आयोग नहीं?

17. सन् १९४७ में जब भारत का विभाजन हुआ तब पाकिस्तान में हिन्दुओं की जनसंख्या २४ प्रतिशत थी जो अब १ प्रतिशत रह गयी है। इसी प्रकार पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) में हिन्दू ३० प्रतिशत थे जो अब मात्र ७ प्रतिशत रह गया है। अर्थात इन देशों में हिन्दू मारे गए और भगा दिए गये। क्या हिन्दुओं के लिए मानवाधिकार आयोग नहीं?

18. भारत में जो मुस्लिम जनसंख्या १९५१ में १० प्रतिशत थी वह आज बढ़कर १४ प्रतिशत हो गयी है। जबकि हिन्दू जनसंख्या जो ८७.२ प्रतिशत थी व घटकर ८२ प्रतिशत हो गयी है (२००१ के जनगणनानुसार)। अर्थात् परिवार नियोजन का नारा सिर्फ हिन्दुओं के लिए ही है?

19. आप विचार करें :- यहाँ मस्जिद धर्मनिरपेक्ष जबकि मंदिर साम्प्रदायिक - इमाम धर्मनिरपेक्ष, साधु-संत सांप्रदायिक - बीजेपी सांप्रदायिक, मुस्लिम लीग धर्मनिरपेक्ष -  डाॅ. प्रवीण भाई तोगडि़या सांप्रदायिक (देशद्रोही), इमाम बुखारी धर्मनिरपेक्ष (देशप्रेमी), - वंदे मातरम् सांप्रदायिक, अल्लाह हो अकबर धर्मनिरपेक्ष- श्रीमान सांप्रदायिक, मिंया धर्मनिरपेक्ष - राम कृष्ण सांप्रदायिक, रहीम, अल्लाह, व जिसस धर्मनिरपेक्ष - हिन्दू वादी साम्प्रदायिक, इस्लामी धर्मनिरपेक्ष - हिन्दुत्व सांप्रदायिक, जिहादी धर्मनिरपेक्ष - और अंत में हिन्दुस्थानी कहना सांप्रदायिक, जबकि इटालियन कहना धर्म निरपेक्ष है।

20. यदि क्रिश्चियन व मुस्लिम स्कूलों में बाइबिल व कुरान पढ़ाई जाती है तो फिर हिन्दू अपनी पाठशालाओं में गीता व रामायण क्यों नहीं पढ़ा सकते हैं?21. यदि अब्दुल रहमान अंतुले प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर, प्रभादेवी (मुंबई) के संरक्षक (ट्रस्टी) हो सकते हैं% तो क्या एक हिन्दू, मुलायम या लालू, किसी मस्जिद या मदरसे का संरक्षक बन सकते है?

22. शंकराचार्य को गिरफ्तार किया जा सकता है। डाॅ. प्रवीण तोगाडि़या पर झूठे आरोप तय कर कई बार उन्हें गिरफ्तार किया जाता है। किन्तु जामा मस्जिद (दिल्ली) का शाही इमाम अहमद बुखारी जो स्वयं को आई. एस. आई का एजेंट बता कर भारत सरकार व हिन्दुओं को खुली चुनौती देता है, उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया जाता?

23. हज के लिए रियायत दी जाती है जबकि हिन्दू तीर्थ यात्रियों (अमरनाथ, कैलाश और सबरीमलय आदि) पर यात्रा कर लगाया जाता है। क्यों?

24. २००३-०४ में मुस्लिम राष्ट्रपति, हिन्दू प्रधानमंत्री और ईसाई रक्षामंत्री से बनी एक उत्तम सरकार हिन्दू राष्ट्र - भारत के अतिरिक्त अन्यत्र संभव है?

25. केरल प्रदेश के विधायक, सांसद व मंत्रीगण ‘अल्ला‘ और ‘जिसस‘ के नाम से शपथ लेते हैं, जो असंवैधानिक है। क्या हिन्दू ‘राम‘ या ‘कृष्ण‘ के नाम से शपथ ले सकते हैं?

26. अरबी भाषा की उन्नति के लिए तो भारत सरकार सहायता देती है। परन्तु ‘संस्कृत‘ के लिए नहीं। क्या संस्कृत की अपेक्षा अरबी अधिक राष्ट्रीय है?

27. असम में आई.एम.डी धारा बांगलादेशीय मुसलमानों को भारत में बसने और नागरिकता प्रदान करने में सहायक है जब कि भारतीय जम्मू-कश्मीर में नहीं बस सकते। यह दोहरी नीति क्यों?

28. एक करोड़ जम्मू-कश्मीर निवासियों को २४,००० करोड़ की सहायता अर्थात् प्रति व्यक्ति रु.२४,००० की सहायता, जबकि अन्य प्रदेशों के लोगों को प्रतिव्यक्ति इसका ५ प्रतिशत भी नहीं। कहीं यह अराष्ट्रीय तत्वों को पुरस्कार तो नहीं है?

29. यदि चित्रकारी गैर इस्लामिक है, तो एम.एफ हुसैन के खिलाफ फतवा क्यों नहीं जारी किया जाता जबकि वे अपनी चित्रकारी के द्वारा गैर इस्लामिक कार्य कर रहे हैं?

30. यदि गाना-बजाना और नाचना गैर इस्लामिक है, तो सिनेमा के क्षेत्र में शामिल खानों की भीड़ के विरुद्ध फतवा क्यों नहीं जारी किया जाता? क्या वे फतवा से अपनी कलाकारी छोड़ देंगे या इस्लाम?

31. क्या आप सोचते हैं, जब भारत में मुसलमान बहुसंख्यक हो जाएँगे, तो यहाँ धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र कायम रहेगा?

32. जब दीपावली ह्वाइट हाउस (White House), हाउस आॅफ काॅमंस (House of Commons) और आस्ट्रेलिया की संसद में मनाई जा सकता है, तो भारतीय संसद में क्यों नहीं? क्या हम अमेरिका, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया से अधिक धर्मनिरपेक्ष हैं?

33. यदि साम्प्रदायिक दंगे आर.एस.एस., वी.एच.पी और बजरंग दल के कारण ही होते हैं, तो बांग्लादेश, पाकिस्तान, सऊदी अरब, इराक, इरान, टर्की, अफगानिस्तान, इंडोनेशिया, चेचन्या, चीन, रूस, इंग्लैंड, फ्रांस स्पेन, साइप्रस इत्यादि देशों में साम्प्रदायिक दंगे क्यों होते हैं? वहाँ तो ये संगठन नहीं हैं।

34. यदि इस्लाम शांति प्रिय मजहब है तो कुरान की पढ़ाई और बंदूक चलाने का प्रशिक्षण साथ-साथ क्यों?

35. मुस्लिम मानसिकता के बारे में आप क्या कहेंगे? वे भारत, अमेरिका, इंग्लैंड व फ्रांस जैसे प्रजातंत्रिक देश में रहते हुए स्वतंत्रता का आनन्द उठा रहे हैं और फिर भी इन देशों को इस्लामिक देश बनाने की कोशिश में हैं जहाँ वे तमाम स्वतंत्रताओं से वंचित हो जाएँगे।


36. एक भू.पू. राष्ट्रपति, दो भू.पू. प्रधानमंत्री, बहुत से साधु एवं संतों ने काँची शंकराचार्य की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन किया। फिर भी मीडिया का कहना है कि किसी ने भी विरोध नहीं किया। क्या तोड़-फोड़ व हिंसा ही विरोध प्रदर्शन का एक मात्र मापदंड है?

37. कुरान बातचीत में विश्वास ही नहीं करता। कुरान काफिरों को युद्ध में परास्त करने में ही विश्वास करता है। फिर भी क्या आप सोचते हैं कि अयोध्या समस्या बातचीत से हल हो जायेगी?

38. क्या इस्लाम व ईसाइयत सर्वधर्म समभाव में विश्वास करते हैं? यदि हाँ, तो यह धर्म परिवर्तन क्यों?

39. क्या आप को विश्वास है कि इस्लाम और ईसाइयत राजनीतिक विचार धारा है जो देश को हथियाना चाहते हैं। वे अपने मुल्लाओं और फादरों के द्वारा स्थानीय लोगों का धर्म परिवर्तन और सांस्कृतिक मूल्यों का विनाश कर, वह करना चाहते हैं जो स्थल, जल और वायु सेना भी नहीं कर सकती।

40. क्या आप एक भी मुसलमान का नाम बता सकते हैं, जो ‘अल्ला ईश्वर तेरोनाम‘ का भजन गाता है?

41. क्या आप जानते हैं कि ‘धर्मनिरपेक्ष मुस्लिम‘ अपने आप में एक गलत शब्द प्रयोग है? एक आदमी या तो धर्मनिरपेक्ष हो सकता है या मुसलमान परन्तु दोनों एक साथ संभव नहीं है। मुसलमान वह है जो केवल अल्लाह में विश्वास करता है। वह अल्लाह के अतिरिक्त दूसरे भगवानों में विश्वास कर ही नहीं सकता।

42. संयुक्त राष्ट्रसंघ के कथनानुसार पूरी जनसंख्या के १० प्रतिशत से कम आबादी वाले लोग ही अल्पसंख्यक हो सकते हैं, तो भारत में १४ प्रतिशत मुसलमानों को अल्पसंख्यक कहना कहाँ तक उचित है?43. चीन को सन् १९६२ का आक्रमणकारी न कहने वाले कम्युनिस्टों के देश प्रेम पर क्या आपको विश्वास है?

44. कम्युनिस्टों का सिद्धांत है कि भारत पुराने रूस की तरह एक राष्ट्र न होकर अनेक राष्ट्रों का समूह है। इसलिए भारत का विघटन हो कर रहेगा। क्या आप इससे सहमत हैं?

45. हिन्दू बहुल क्षेत्र में एक मुस्लिम परिवार अमन-चैन से रह सकता है। परन्तु मुस्लिम बहुल क्षेत्र में एक हिन्दू परिवार नहीं रह सकता। क्यों?

46. हिन्दू बहुल भारत, वर्षों से सेक्युलर है और मुस्लिम बहुल देश केवल इस्लामिक देश है और वहाँ अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार भी प्राप्त नहीं है।

47. ईसाई मिशनरियाँ मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में जाकर अपनी सामाजिक सेवाएँ क्यों नहीं शुरू करती? क्या इसलिए कि वहाँ उन्हें पर्याप्त प्रतिसाद नहीं मिलेगा?

48. क्या आपको मालूम है कि भारत के अतिरिक्त अन्य कोई दूसरा देश नहीं है जो बांग्लादेशियों की घुसपैठ को आश्रय देता है। बिहार, यू.पी और पश्चिम बंगाल की सरकारें उनको राॅशन कार्ड उपलब्ध करा कर वहाँ का वोटर भी बना देती है।

49. दंगे अधिकतर शुक्रवार की नमाज के बाद ही भड़कते हैं (जैसे मराड, केरल में) क्या इसका कारण इमामों की आग उगलने वाली तकरीरें तो नहीं है?

50. सभी हिन्दू बहुल क्षेत्रों में शांति रहती है। लेकिन जहाँ हिन्दू अल्प मत में हैं वहाँ अशांति व समस्याएँ ही समस्याएँ रहती है। जैसे जम्मू-कश्मीर, उत्तर पूर्वांचल इत्यादि। ऐसा क्यों?

51. केरल विधान सभा में एक सदस्य श्री सी.पी. शाजी ने कहा कि शरीयत के नियमों के साथ छेड़ छाड़ करने वाले हाथों को तत्काल कलम कर दिया जाएगा (मातृभूमि जुलाई, ३, १९८५)। क्या आप इससे सहमत हैं?

52. क्या आप इससे सहमत हैं कि सभी राजनीतिक दलों की नीतियाँ देश के लोगों को एकता व एकात्मता के सूत्र में बाँधने में असमर्थ हैं?

53. क्या आप को मालूम है कि भारत की लगभग २५ लोकसभा और १२० विधान सभा की सीटों में अवैध स्थान्तरित मुस्लिम जनसंख्या निर्णायक भूमिका में होती है; और वे एक दल के पक्ष में जो सरकार बनाने की स्थिति में होती है; चाहे वह काँग्रेस, आर.जे.डी., एस.पी., एम.एल या कम्युनिस्ट हो; थोक मतदान करते हैं।

54. के.पी.एस. गिल के कथनानुसार क्या आप को मालूम है कि कुछ गैर सरकारी संस्थाएँ व प्रचार-प्रसार संगठन भी आतंकवादी हैं? इन गैर सरकारी संस्थाओं व मानवाधिकारवादियों का उपयोग आतंकवादी हथियार के रूप में करते हैं।

55. क्या आपको मालूम है कि तथाकथित सेक्युलर मौलाना वहिदुद्दीन को जब कारगिल में लड़ रहे भारतीय जवानों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने के लिए कहा गया तब उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया और कहा कि मुसलमानांे के खिलाफ लड़ने वालों के लिए मैं दुआ नहीं कर सकता। (ऐसे व्यक्ति की शव यात्रा में सोनिया और प्रियंका शरीक हुई थीं)।

56. जम्मू-कश्मीर की लड़की से शादी कर एक पाकिस्तानी भारतीय बन सकता है, परन्तु यदि वही लड़की जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त किसी भारतीय से शादी करती है तो उसकी जम्मू-कश्मीर की नागरिकता समाप्त हो जाती है। यह कैसा कानून है?

57. उच्चतम न्यायालय विश्व हिन्दू परिषद से अयोध्या के केस में उस केस से उसका क्या संबंध है, सवाल पूछ सकता है। परन्तु ठीक उसी प्रकार उच्चतम न्यायालय बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी या आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड से वैसा सवाल नहीं पूछता। क्या यह उच्चतम न्यायालय का दोहरा मापदंड नहीं है?

58. अयोध्या विवाद में हिन्दुओं को कानूनी फैसले को मानने की सलाह दी जाती है। क्या आपको मालूम है कि उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय के फैसले को निरस्त करने के लिए कई बार संविधान में संशोधन करना पड़ा है? शाह बानो और इंदिरा गांधी प्रकरण इसके उदाहरण हैं।

59. सामान्य घटनाओं के आधार पर नरेंद्र मोदी और उमा भारती से इस्तीफों की माँग की जाती है परन्तु जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कभी नहीं की जाती है जहाँ हजारों सुरक्षाबल के जवानों को आतंकवादियों ने मौत के घाट उतार दिया और लगभग चार लाख हिन्दुओं को वहाँ से निकाल बाहर किया गया।

60. वाराणसी में शिया और सुन्नी मुसलमानो के बीच कब्रगाह भूमि के विवाद के केस में उच्चतम न्यायालय के सन् १९८६ के फैसले को कार्यान्वित करने में उ.प्र. सरकार ने इन्कार कर दिया है और कर्नाटक सरकार ने कावेरी जल विवाद पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को अमान्य कर दिया। क्या यही न्यायालय के फैसलों का सम्मान है?

61. जब एक अकेला ग्राहम स्टैन मारा जाता है तो अंग्रेजी प्रेस उसकी खूब निन्दा करते हैं, परन्तु जब साबरमती एक्सप्रेस में ३० औरतों और बच्चों के साथ कुल ५८ हिन्दू जिन्दा जला दिए गए तो ये प्रेस वाले शांत रहे और जो इसमें मारे गए उनको ही दोषी ठहराते रहे। क्या पत्रकारिता का यही फर्ज है?62. जम्मू-कश्मीर के भू.पू. मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला जिन्होंने क्रिश्चियन लड़की से शादी की है; अपने पुत्र उमर अब्दुला; जिनकी शादी एक हिन्दू लड़की से हुई; की शादी में खुशी-खुशी उपस्थित रहे। परन्तु जब उनकी लड़की ने एक हिन्दू लड़के के साथ शादी की तो उस शादी में वे शरीक नहीं हुए और उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की। क्या धर्म निरपेक्षता की यही पहचान है?

63. क्या आप कभी मुस्लिम मोहल्ले में गए हैं? यदि नहीं; तो कृपया आप मुंब्रा (मुंबई) या मल्लपुरम् (केरल) में एक बार जाकर जरूर वहाँ की स्थिति का अवलोकन करें। यदि आप सचमुच में सेक्युलरिस्ट हैं तो आप को बहुत अच्छा अनुभव होगा।

64. जब इस्लाम और धर्मनिरपेक्षता या प्रजातंत्र का आपस में कोई सामंजस्य नहीं है तो बेचारे हिन्दुओं को इस तथ्य के प्रति क्यों बरगलाया जाता है?

65. कानूनन मानव शरीर का कोई अंग चुनाव चिह्न के रूप में मान्य नहीं है, तो कांग्रेस को ‘हाथ‘ चुनाव चिह्न क्यों दिया गया? क्या यह कानून के खिलाफ नहीं है?

66. दिल्ली के शाही इमाम अब्दुला सैय्यद बुखारी सार्वजानिक घोषणा करते हैं कि मुसलमानों के लिए तालिबान एक आदर्श है और ओसामा बिन लादेन उनका हीरो है। क्या आप उनको धर्मनिरपेक्ष कह सकते हैं?

67. दिल्ली के शाही इमाम सैय्यद बुखारी ने अपने आंगन में शौकिया तौर पर एक काला हिरण पाल कर रखा है, जो कानूनन अपराध है। दिल्ली पुलिस जब वहाँ पहुँची तो उसे मालूम हुआ कि यह तो इमाम का घर है? तो वह चुपके से वापस आ गई। क्या इमाम कानून से ऊपर हैं?

68. यदि मुसलमान ‘समान नागरिक संहिता‘ नहीं चाहते तो क्या उन्हें कुरान की न्याय प्रक्रिया पसंद है, जिसमें आँख के बदले आँख, पैर के बदले में पैर, हाथ के बदले हाथ इत्यादि का प्रावधान है?

69. जम्मू-कश्मीर में दो लाख हिन्दू मतदाता संसदीय चुनाव में तो वोट देते हैं परन्तु विधानसभा चुनाव में उन्हें मताधिकार प्राप्त नहीं है। क्यों?

70. जम्मू-कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल ६ वर्ष का है जब कि अन्य विधान सभाओं का ५ वर्ष। ऐसा क्यों?

71. क्या आप महाराष्ट्र के प्रतापगढ़ में अफजल खाँ; जो छत्रपति शिवाजी को मारने के लिए आया था, का स्मारक बनाना पसंद करेंगे?

72. क्या आप अयोध्या में बाबर के नाम पर मस्जिद के निर्माण का समर्थन करेंगे, जो एक लुटेरा और आक्रमणकारी था?


73. क्या आप १४ फरवरी को ‘वैलेंटाइन डे‘ (प्रेमी-प्रेमिका दिन) के रूप में मनाना, जो अपनी संस्कृति नहीं है; उचित समझतें हैं? जबकि इसके ठीक ९ महीने बाद अर्थात् १४ नवम्बर को आप ‘बालदिवस‘ के रूप में मनाते हैं।

74. नेहरू को बच्चे बहुत पसंद थे, इसमें क्या खास बात है? बच्चे तो सबको पसंद होते हैं। उनके ही जन्म-दिन को ‘बाल दिवस‘ के रूप में मनाना मूर्खतापूर्ण नहीं है? असली बाल-दिवस तो ‘गोकुलाष्टमी‘ ही है। जहाँ, कृष्ण और उनके बाल गोपाल साथियों ने ही वास्तविक बाल-लीला की थी।

75. बांग्लादेश में हिन्दू लड़कियों के साथ छेड़-छाड़ और सामूहिक बलात्कार किया जाता है। प्राय% प्रत्येक दिन मंदिरों को जलाया और नष्ट किया जाता है। सेक्युलरिस्ट और मानवाधिकार वादी संगठन उसके खिलाफ क्यों नहीं आवाज उठाते? क्या मानवाधिकार केवल मुसलमानों के लिए ही है?

76. क्या आपको मालूम है कि इस्लाम राष्ट्रीयता और राष्ट्र की सीमाओं में विश्वास नहीं करता। वह पूरे विश्व को इस्लाम के अंतर्गत अर्थात् दारूल हरब को दारूल इस्लाम बनाना चाहता है।

77. एक ६५ वर्षीय मुसलमान ने अपनी पहली तलाक शुदा पत्नी से ५४ वाँ बार पुन% शादी की। उन ५३ तलाकशुदा पत्नियों का क्या हुआ होगा? यह कैसा समाज होगा? आप सोच सकते हैं। क्या भारत में आप यही स्थिति लाना चाहते हैं?

78. मुसलमान स्कूल, काॅलेज न बनाकर मस्जिद और मदरसा ही क्यों बनाना चाहते हैं? क्या उनको लगता है कि मदरसा से ही वैज्ञानिक और इंजीनियर निकलेंगे?

79. मुहर्रम का जुलूस हिन्दू बाहुल्य मोहल्लों से जा सकता है। परन्तु हिन्दुओं के त्यौहारों का जुलूस मुस्लिम बाहुल्य मुहल्लों से नहीं जा सकता। क्यों? क्या यह साम्प्रदायिक भेद भाव को बढ़ावा नहीं देता?

80. एक जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस आयुक्त हिन्दुओं के जुलूस को क्षेत्र के कुछ खास हिस्सों से गुजरने की परवानगी न देकर क्या उस हिस्से को अपने कृत्य से विदेशी भू-भाग नहीं साबित कर देते? ऐसा करके क्या वे अपने संविधान का उल्लंघन और साम्प्रदायिक भेद-भाव को बढ़ावा नहीं देते?

81. जम्मू-कश्मीर, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड में हिन्दू अल्पसंख्यक हैं। उन्हें अल्पसंख्यक अधिकार प्राप्त नहीं है। परन्तु दूसरे जो वहाँ बहुसंख्यक हैं, उन्हें अल्पसंख्यक का अधिकार प्राप्त हैं। क्या यह बेतुका नहीं है?82. किस इस्लामिक राज्य में हिन्दुओं को विशेषाधिकार प्राप्त है; जो मुसलमानों को भारत में प्राप्त है? इसी प्रकार किस ईसाई राज्य में हिन्दुओं को विशेषाध्

ि ाकार प्राप्त है, जो ईसाइयों को भारत में प्राप्त है?

83. क्या आप को मालूम है कि मदर टेरेसा ने भारत को एक ऐसा देश बताया जहाँ अनाथ आश्रम के अभाव में मर जाते हैं। इसकी आड़ में उन्होंने विदेशों से खूब पैसा कमाया। क्या भारत की इस बदनाम छवि को उन्होंने सुधारने का प्रयत्न किया?

84. क्या आप सोचते हैं कि नेहरू परिवार ही एक मात्र परिवार था जो स्वतंत्रता के लिए लड़ा; या देश में और भी स्वतंत्रता सेनानी थे? जैसे भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, मदनलाल ढींगरा, वांचिनाधन, चाफेकर ब्रदर्स, वीर सावरकर, राजगुरु, सुभाष चन्द्र बोस, ऊधम सिंह इत्यादि।

85. गोधरा में कुछ जगह ऐसी है जहाँ विक्री कर, आयकर या बिजली विभाग के अधिकारी नहीं घुस सकते। पुलिस भी अकेले जाने में डरती है। हिन्दू बहुल मोहल्लों में तो यह स्थिति नहीं होती। इसका कारण आप बता सकते हैं?

86. मुंब्रा की एक ‘‘खूबसूरत‘‘ आतंकवादी महिला इशरत जहाँ जब अहमदाबाद पुलिस द्वारा गोली से मारी गई तो वहाँ के लोगों ने मुंब्रा बंद का आह्वान किया और उसकी शव यात्रा में शरीक हुए। क्या यह घटना आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देती?

87. चीन अभी भी अरुणाचल प्रदेश को चीन का भू-भाग बता रहा है। क्या? कम्युनिस्टों से आप इसके प्रतिकार के लिए कहेंगे? वे इसका विरोध नहीं करते। वामपंथियों के लिए कामरेडी मित्रता प्रथम है, देश हित बाद की बात है। फिर भी क्या आप कम्युनिस्टों को देशभक्त कहेंगे?

88. विजय तेंदुलकर ने कहा है कि ‘‘जिन्हें मैं मारना चाहता हूँ, उनकी सूची लंबी है परन्तु यदि मुझे पिस्तौल मिल जाय तो मैं मोदी को सब से पहले गोली मारूँगा।‘‘ आखिर क्यों? क्या आप उन्हें मानवतावादी कहेंगे या आतंकवादी?

89. मल्लपुरम (केरल) के एक प्रसूति गृह में एक मुस्लिम परिवार की १३ वर्षीय लड़की, २६ वर्षीय उसकी माँ तथा ३९ वर्षीय उसकी नानी गर्भावस्था में प्रसूति के निमित्त दाखिल हुईं। क्या अभी भी आप सोचते हैं कि मुस्लिमों के लिए परिवार नियोजन अनावश्यक है?

90. न्यायपालिका ने जब लालू प्रसाद को गिरफ्तार करने का आदेश दिया, तो लालू ने अपने राजप्रासाद जैसे बंगले में रहकर ही उसे जेल और स्वयं को गिरफ्तार घोषित करा दिया। क्या यह न्यायपालिका के मुँह पर एक तमाचा नहीं है? अभी भी आप सोचते हैं कि कानून की नजर में सब बराबर हैं?

91. रामायण के रचयिता ऋषि वाल्मीकि (निम्न जाति के) एक लुटुरे थे। इसी प्रकार महाभारत के रचयिता वेद व्यास एक मछुआरे थे। दोनों ग्रंथ और उनके लेखक हिन्दू समाज में पूज्य हैं। क्या फिर भी आप सोचते हैं कि हिन्दुत्व जातियता का समर्थक है?

92. वर्ष २००२-०३ में कर्नाटक सरकार ने वहाँ के मंदिरों की दान पेटियों से प्राप्त ७२ करोड़ रुपयों में से ५० करोड़ मदरसों, १० करोड़ चर्चों और मात्र १० करोड़ मंदिरों के रख रखाव के लिए दिया। हिन्दुओं के धन से मदरसों (जहाँ आतंकवादी पैदा किए जाते हैं) और चर्चों का विकास क्यों किया जाता है?

93. जब तालिबानों ने अफगानिस्तान की भगवान बुद्ध की प्रतिमा को तोड़ा तो टाइम्स आॅफ इंडिया ने उसे बाबरी विध्वंस की प्रतिक्रिया के रूप में प्रचारित किया। क्या आप टाइम्स आॅफ इंडिया के इस दलील से सहमत हैं? ठीक है, यदि यह जैसे को तैसा के सिद्धान्त से सही है, तो वे गुजरात के दंगों की निन्दा क्यों करते हैं, जो गोधरा रेल कांड का प्रतिफल था?

94. गुजरात के दंगों को मीडिया ने ‘जिनोसाइड‘, ‘होलोकास्ट‘ के शब्दों से नवाजा। लेकिन क्या आपको मालूम है कि ‘जू‘ और पारसी पर हिन्दुओं ने कभी कोई अत्याचार नहीं किया। ये लोग भारत में सुख-शांति से रह रहे हैं और जीवन के हर क्षेत्र में फूल-फल रहे हैं। क्यों?

95. पांडिचेरी में एक मुस्लिम को दफनाया नहीं जा सका। क्योंकि उसने भगवान मुरुगन का एक मंदिर बनवाया था। क्या फिर भी आप सोचते हैं कि मजहब एक दूसरे को घृणा की दृष्टि से नहीं देखता?

96. मदर टेरेसा ने अपने ही देश अल्बेनिया में रहकर गरीबों की सेवा क्यों नहीं की? ग्राह्म स्टेन ने आस्ट्रेलिया में ही अभावग्रस्त लोगों की सेवा क्यों नहीं की? सोनिया गाँधी ने भारत के बदले इटली में ही रहकर गरीबों की सेवा क्यों नहीं की? फिर भी आप विदेशी लोगों, विदेशी मजहबों और विदेशी वस्तुओं के पीछे भागते हैं? क्या भारत आलतू-फालतू लोगों की धर्मशाला है?

97. क्या आपको मालूम है कि अगले चुनाव में चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों को वहीं बसाया जा रहा है जहाँ से हिन्दू प्रतिनिधि थोड़े मतों के अंतर से जीतते हैं?98. सन् १९८९ में चुनाव के समय राजीव गांधी ने कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में वादा किया था कि यदि मिजोरम की जनता ने कांग्रेस को सत्ता सौंपी; तो मिजोरम में बाइबल के नियमों के अनुसार सरकारी कारोबार होगा। क्या यह साम्प्रदायिकता नहीं?

99. विश्व मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के चेयरमैन कुवैत के शेख-अल सईद यूसुफ सईद हाशीम-अल रिफाई को बिना वीसा के केरल में उतरने दिया गया। उसे गिरफ्तार करने के बदले उसका राजसी सम्मान किया 


Saturday, August 24, 2024

*काळा पैसा कमवण्याचे मार्ग बंद झाले पाहिजेत... मी डॉक्टर आहे, म्हणूनच मी सर्व प्रामाणिक डॉक्टरांची माफी मागतो.

 *काळा पैसा कमवण्याचे मार्ग बंद झाले पाहिजेत...

    मी डॉक्टर आहे, म्हणूनच

 मी सर्व प्रामाणिक डॉक्टरांची माफी मागतो.

    •........ हृदयविकाराचा झटका आला

    डॉक्टर म्हणतात - स्ट्रेप्टोकिनेज इंजेक्शन द्या... 9,000/= रु. इंजेक्शनची खरी किंमत रु. ७००/ ते ९००/= रु., तर MRP रु. ९,०००/=! तू काय करशील 

हृदयात ब्लॉकेज झाले स्टेंट टाकायचा द्या 150000,,200000,,,,

स्टेंट ची खरी किंमत 24000,,

29000, 35000 ,,,,,

,,

तु काय करशील??

    ……… टायफॉइड झाला

    डॉक्टरांनी लिहिले. एकूण 14 मोनोसेफ घ्या! घाऊक किंमत रु. 25/= हॉस्पिटल केमिस्ट रु. 53/= देतात. तुम्ही काय करता??

    • ............,,,, किडनी निकामी होणे .तीन दिवसातून एकदा डायलिसिस केले जाते.. डायलिसिस केले जाते आणि इंजेक्शन दिले जाते. MRP 1800 रु.

 तुला वाटेल मी ते घाऊक बाजारातून उचलेन...! भारतभर शोधतोय पण कुठेच सापडत नाही... का?

    कंपनी फक्त डॉक्टरांना पुरवते!!

    इंजेक्शनची मूळ किंमत 500/= आहे, परंतु त्याच्या हॉस्पिटलमधील डॉक्टरांची MRP 1,800/= आहे.

  तुम्ही काय करता??

     .......... संसर्ग झाला आहे. डॉक्टरांनी लिहून दिलेले प्रतिजैविक रु. ५४०/=

 150/= त्याच इतर कंपनीकडून आणि जेनेरिक रु 45/=

 पण केमिस्टने नकार दिला. आम्ही कोणतेही जेनेरिक देत नाही.., फक्त डॉक्टरांचे प्रिस्क्रिप्शन... म्हणजे 540/ = तुम्ही काय कराल...??

    बाजारात अल्ट्रासाऊंड चाचणीसाठी रु. ७५०/=, ट्रस्ट फार्मसी रु. 240/= रु.750 डॉक्टरांच्या कमिशन पैकी 300/= रु.....!

    MRI वर डॉक्टरांचे कमिशन रु. 2,000/= ते 3,000/=

    डॉक्टर आणि रुग्णालयांची ही लूट, बेधडक, बेधडक, बेधडक भारत देशात सुरू आहे...!

    औषध कंपन्यांची लॉबी इतकी मजबूत आहे की त्यांनी थेट देशाला ओलीस ठेवले आहे....!

    डॉक्टर आणि औषध कंपन्यांचा सहभाग! दोघेही सरकारला ब्लॅकमेल करत आहेत...!!

    मोठा प्रश्न...

    माध्यमे दिवसरात्र काय दाखवतात?

    खड्ड्यात पडलेला राजकुमार, ड्रायव्हर नसलेली गाडी, रॉकी सावंत, बिग बॉस, सासू, क्राईम रिपोर्ट, क्रिकेटरची मैत्रीण हे सगळं दाखवा...

  पण डॉक्टर कंपन्या, हॉस्पिटल आणि औषध कंपन्या त्याचा स्पष्ट दरोडा का दाखवत नाहीत?

    समाजाच्या मदतीला मीडियाच येत नसेल तर कोण करणार?

    मेडिकल लॉबीची क्रूरता कशी थांबवायची?

    ही लॉबी सरकारला खाली आणत आहे का?

    मीडिया गप्प का?

    20 रुपये जास्त मागितल्यास ऑटोरिक्षा चालकाला फटका...

    तुम्ही डॉक्टरसाठी काय करता???


     जर तुम्हाला हे खरे वाटत असेल तर सर्वांपर्यंत पाठवा! जागरूकता आणा आणि जनजागृतीसाठी तुमचा पाठिंबा द्या....

   


    पाच जणांना पाठवलं तर ते पाच लोक पुढच्या पाच जणांना नक्की पाठवतील! प्रत्येकाने असे पाठवले तर राष्ट्र ते पाहील आणि संघटित होईल.


    मी तुम्हा सर्वांना आवाहन करतो

    किमान पाच गटांसाठी

    पाठवा .धन्यवाद ! 


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ये केवल विधर्मियों द्वारा फैलाया मिथ्याभ्रम है कि हम भारतवासी कभी एक होकर लड़े नहीं।

 ये केवल विधर्मियों द्वारा फैलाया मिथ्याभ्रम है कि हम भारतवासी कभी एक होकर लड़े नहीं।

लुटेरे सुबुक्तगीन और उसका धूर्त पुत्र महमूद गजनवी भारत लूट से पूर्व पीर फकीर, तांत्रिक मुल्ला आदि के वेश में गुप्तचर भेजा करते थे। ये गुप्तचर भारतीय राज्यों में हिंदू जनता के सामने ऐकेश्वरवाद की बातें करते थे। भारत की धर्मसहिष्णु जनता ने इन्हे समाज में उचित स्थान और सम्मान दिया। ये कृत्रिम फकीर राज्य की महत्वपूर्ण जानकारियां महमूद तक भिजवाते थे। मुल्तान में कुछ फकीरों ने वहां के चाहमान शासक अजयपाल के दरबार तक अपनी पहुंच बना ली थी। राजा अजयपाल अत्यंत शक्तिशाली थे, फकीरों के वेश में गुप्तचरों ने जब उनके सामर्थ्य का बखान महमूद के समक्ष किया तो उसने मुल्तान पर सीधे और प्रथम आक्रमण का विचार त्याग दिया। जब महमूद ने सिंध लूट की योजना बनाई तो वहां के गुप्तचरों ने सैंधव राजा हम्मूक के विषय में भी वही बताया जो राजा अजयपाल के विषय में बताया था, इस कारण सिंध लूट की योजना भी मात्र योजना ही रह गई। इस स्थिति में महमूद ने राजपुताने में घुसकर चाहमानों के शाकंभरी राज्य में लूट की योजना तैयार की। महमूद जानता था, शाकंभरी के बाद आगे की लूटयात्रा सरल हो जायेगी। राजपुताने का सीमावर्ती राज्य तनोट था जिसके शासक विजयराज (प्रथम) भाटी थे। जब उन्हें महमूद की योजना का भान हुआ उन्होंने तुरंत इसकी सूचना अपने मित्र राजा गोविंद तृतीय को भिजवाई। राजा गोविंद तृतीय ने इस म्लेच्छ आक्रमण की सूचना राजा भोज परमार को भिजवाई। राजा भोज परमार शीघ्र ही अपनी सेना लेकर राजा गोविंद तृतीय की सेना के साथ तनोट पहुंच गए। जब महमूद ने तनोट पर आक्रमण किया तब उसका सामना भाटी राजा विजयराज प्रथम के भुजदंडों, परमार राजा भोज की अमोघ युद्धनीति एवं चाहमान राजा गोविंद तृतीय की चमकती तलवार से हुआ। युद्ध आरंभ होने के कुछ ही घंटों में महमूद की सेना तितर बितर हो गई। तीनों राजाओं का युद्ध कौशल चमत्कृत करने वाला था। महमूद ने दूर से देखा जब राजा विजयराज भाटी ने एक म्लेच्छ सैन्य अधिकारी की भुजाएं अपनी भुजाओं से उखाड़ कर अलग कर दीं। काल का ऐसा भीषण स्वरूप देखकर महमूद कुछ क्षणों के लिए अपना चित्त खो बैठा। या अल्लाह आज जान बख्श दे, महमूद केवल यही दुआ कर रहा था। किसी प्रकार सचेत होकर अपनी बची कुची सेना लेकर महमूद वापस भाग गया।


यद्यपि हम तनोट युद्ध में विजयी हुए तथापि इस विजय का विशेष लाभ भारत को नहीं मिल सका। तनोट युद्ध में वास्तविक विजय तो महमूद के वध से होनी थी। महमूद को पटकने, समर्पण कराने एवं वापस भगाने वाले कई राजा, सामंत एवं योद्धागण हुए किंतु महमूद बार बार आक्रमण करता रहा और इस देश को लूटता रहा।

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सुशांत सिन्हा ने अपने शो में बताया था कि असल मे चक्रव्यूह कैसा है?

 सुशांत सिन्हा ने अपने शो में बताया था कि असल मे चक्रव्यूह कैसा है?


इस चक्रव्यूह के बीच मे मोदी है। मोदी के नाम पर भारत है। और भारत के नाम पर हिंदुत्व की बात करने वाला वो हिन्दू जो जातियों से ऊपर अपने धर्म और देश को रखता है।

इस तरह मोदी के नाम पर मोदी के चारो ओर चक्रव्यूह सेट किया हुआ है।


इसके सबसे पहले घेरे में है आर्थिक तंत्र पर चोट ताकि भारत की अर्थव्यवस्था चरमरा जाए। इसके लिए किसी हिन्दनबर्ग की मदद लेकर कहा जाए कि भारत का बाजार फ्रॉड है। यहां से निवेश निकाल दो। LIC/SBI/HAL सब डूब रहे हैं। अपना पैसा हर जगह से निकाल दो और आगे भी निवेश मत करना।


फिर दूसरे घेरे में है अग्निवीर जैसे मुद्दे ताकि सेना में बगावत हो जाये। वो सेना ही है जो गृहयुद्ध या युध्द के समय इस देश की रक्षा करेगी तो उसे सरकार के खिलाफ भड़का दो ताकि वो भी गृहयुद्ध के समय तख्तापलट करने में साथ दे।


तीसरे घेरे में हैं किसान ताकि उसे भड़काकर भारत की फ़ूड सप्लाई खत्म कर दो। एक देश भूखे पेट कितने दिन सर्वाइव कर सकता है?


इस तरह आपने देश का पैसा, सेना और भोजन तीनो ब्लॉक कर दिए जो किसी भी युद्ध के समय जरूरी हैं।


फिर चौथे घेरे में है आरक्षण कि इसके नामपर हिन्दुओ को आपस में लड़ा दो और उनके अंदर भयंकर जातिवाद पनपा दो। इससे जब किसी युद्ध के समय उनसे एक होने की अपील की जाए तो वो आपस में एक दूसरे को खत्म कर दें।


पांचवे घेरे में, संविधान को खतरे में बता दो कि इस देश मे तानाशाही आ चुकी है और इससे पहले कि सरकार तुम्हे मारना शुरू करे, तुम ही सरकार और उसके समर्थकों को चुन चुनकर मार दो वरना ये तुम्हे खत्म कर डालेंगे।


छठे घेरे में फिर अल्पसंख्यक का मुद्दा ले आओ कि वो भी खतरे में हैं और यदि उन्हें खुद को बचाना है तो हमारा साथ दो और हमारी सरकार स्थापित करो, फिर हम सब मिलकर इनसे चुन चुनकर बदला लेंगे।


और सातवें घेरे में हैं विदेशी ताकतें कि तुम हमें फंडिंग करो, हमें प्लान समझाओ, कैसे कोई खलिस्तान करना है, कैसे कोई ईसाई देश नार्थईस्ट में करना है, कैसे कोई मजहबी निजाम की बात केरल/बंगाल में करनी है, कैसे नार्थ बनाम साउथ में लड़ाना है, कैसे हिंदी/गैर हिंदी में बांटना है और फिर जब ये हो जाए तो विदेशी ताकतें लोकतंत्र बचाने के नाम पर इस देश मे हस्तक्षेप करें जैसा वो अन्य देशों में करती हैं।


इस तरह का सात घेरों का चक्रव्यूह है जिसके खिलाफ मोदी को लड़ना है।

मोदी की ताकत जनता का उसपर विश्वास है। हर वो चीज की जा रही है जिससे वो विश्वास टूट सके।

मोदी खत्म तो उसकी आड़ में जितने भी फुदकते हैं और कांग्रेस से लेकर मजहब को गाली देते हैं फिर उनका निपटारा किया जाएगा। राष्ट्रवाद को अपराध घोषित किया जाएगा। जुल्म के खिलाफ बोलने पर ही उठा दिया जाएगा। अन्य देशों से कोई कुछ नही बोलेगा जैसे आज बंग्लादेश पर नही बोलता, उल्टा कहता है कि सब फर्जी बाते हैं। पश्चिम बंगाल की तरह ही आवाज उठाने पर ही घर से उठा दिया जाएगा।

और सुप्रीम कोर्ट, वो बचाने आएगा??

सुप्रीम कोर्ट के जजों को भी उसी तरह घेरा जाएगा जैसा बंग्लादेश में किया और उनसे इस्तीफा ले लिया जाएगा।


और इन सबका बहाना रहेगा कि तानाशाही के खिलाफ जनता ने बगावत कर दी है। वो हिंदुत्व करने वालों को थोड़ी निपटा रहे, वो तो भाजपा समर्थकों को निपटा रहे जो मोदी का साथ देकर जुल्म का साथ देते थे। फलां  ने तो हिन्दू को इसलिए काट दिया कि इतने सालों से उसका उत्पीड़न हो रहा था। फलां हिन्दू लड़की को तो इसलिए उठाकर रेप कर दिया क्योंकि ये बेअदबी करती थी । फलां हिन्दू का घर तो इसलिए लूट लिया क्योंकि ये पूंजीवाद का समर्थन करता था और गरीबो को दुत्कारता था। फलां हिन्दुओ से इसलिए इस्तीफा ले रहे कि ये सरकार के साथ तानाशाही में शामिल थे। फलां हिन्दुओ पर इसलिए सम्पत्ति टैक्स इसलिए लगा रहे कि इन्होंने बहुत लूट मचाई हुई थी।


और ये सब अतिश्योक्ति नही, बगल के बंग्लादेश में हो रहा है। बंगाल में हो रहा है। और कितने दर्जन देशों में इसका इतिहास है।

वो अलग बात है कि तुम गलतफहमी में रहो कि मेरे साथ नही होगा और तब तक मैं किसी महंगाई या टैक्स के नाम पर विलाप करता हूँ और मोदी को सबक सिखाने निकल पड़ता हूँ।


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*इन्दिरा बेगम का यह इतिहास* कितने लोग जानते हैं जो नहीं जानते हैं?

 *इन्दिरा बेगम का यह इतिहास* कितने लोग जानते हैं जो नहीं जानते हैं?



*उनको मुहम्मद युनुस की पुस्तक पढ़ना चाहिये,* और यूट्यूब/ गूगल पर सर्च करना चाहिये !


*मुहम्मद यूनुस-इंदिरा गांधी उर्फ़ मेमुना बेगम का दूसरा अघोषित पति था। वह संजय गाँधी का असली पिता था... यह गुप्त निकाह था !*


_उसी यूनुस ने संजय की मेनका के साथ शादी के समय ससुर का रोल किया था और अड़ गया था कि बारात मेरे घर से निकलेगी..._


*जब संजय को यह बात पता चली कि उसका बाप कौन है, तो उसको इन्दिरा से नफरत हो गई* और उसने इंदिरा के गाल पर एक थप्पड़ जड़ कर कांग्रेस का चुनाव चिह्न उसके गाल पर बना दिया...


*इसी कारण संजय को सफदरजंग एयरपोर्ट पर एक छोटा सा प्लेन क्रैश करवा कर मरवा दिया गया...* यही मुहम्मद यूनुस था जो संजय गाँधी की लाश पर छाती पीटकर रो रहा था !


*मुहम्मद यूनुस वही है जिसने अपनी पुस्तक Persons, Passions and Politics में लिखा है कि मैं संजय गाँधी का बाप हूँ और मैंने उसका खतना करवाया था...*


कश्मीरी पंडितों के कत्ल राजीव ने करवाये थे अपने भाई को बचाने के लिये... यही सौदा हुआ था !


*उसी मुहम्मद युनुस का एक बेटा और था आदिल शहरयार.... यानी इन्दिरा का तीसरा बेटा जो अमेरिका में ड्रग्स और हथियार की तस्करी के आरोप में 35 वर्ष की सजा पाकर जेल में बंद था... उसी आदिल शहरयार को इंदिरा के वध के बाद राजीव गाँधी की सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति से क्षमादान दिलाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली... रोनाल्ड रीगन ने क्षमादान नहीं दिया !*


_इसी बीच भोपाल गैस कांड हो गया.... एंडरसन भोपाल आया तो उसे अर्जुन सिंह ने कैद करवा लिया... राजीव गाँधी ने अपने भाई आदिल शहरयार के बदले एंडरसन को छोड़ने का अमेरिका से सौदा किया..._


*सनातनियों की लाशों का सौदा किया गया.... इस नीच जेहादी छद्म मियाँ नेहरू खानदान ने अपने तीसरे भाई आदिल शहरयार को अमेरिका से छुड़वा लिया और एंडरसन को भगा दिया....!*


_इस घटना को सुषमा स्वराज ने संसद में आदिल शहरयार के बारे में बहस की चुनौती रखकर खान्ग्रेसियों की बोलती बंद कर दी... जब वे उन पर ललित मोदी को भगाने का आरोप लगा रहे थे.. यूट्यूब पर वह वीडियो उपलब्ध है !_


*अब आप समझ सकते हैं कि राहुल गांँधी क्यों बोल गये कि कांग्रेस मुस्लिम पार्टी है...*


क्या इस पार्टी से सनातन धर्म को बचाने की कल्पना की जा सकती

साभार एक विमर्श.... यूं तो #भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है

 साभार एक विमर्श.... यूं तो #भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है।लेकिन आज #योग और #आयुर्वेद पर चर्चा कर रहे हैं।ऐसे माहौल में जब #एलोपैथी ने ...