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Saturday, June 29, 2024

विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे 12 साल जेल रहने में रहने के बाद आजाद होकर अपने परिवार के पास चले गए

 विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे  12 साल  जेल  रहने में रहने के बाद आजाद होकर अपने परिवार के पास चले गए


इन्होंने पूरी दुनिया में कई खुलासे  किए थे जो पूरी तरह से सच थे और इसी सच से डर कर घबरा कर अमेरिका ब्रिटेन सहित तमाम महाशक्तियों ने इन्हें कैद कर दिया 


क्योंकि तानाशाह महाशक्तियां कभी सच्चाई  बर्दाश्त नहीं करती 


उनके तमाम खुलासों में से एक खतरनाक खुलासा यह भी था कि UPA राज में राहुल गांधी भारत में जो तमाम आतंकवादी घटनाएं हो रही थी उसमें मुसलमानों के पकड़े जाने पर चिंतित थे और वह भारत में उसको बैलेंस करने के लिए हिंदू आतंकवाद की थ्योरी देना चाहते थे 


वह चाहते थे कि कुछ घटनाओं में हिंदू भी पकड़े जाएं ताकि भारत में हिंदू आतंकवाद पर भी बहस हो और अपने देखा होगा यूपीए सरकार के दौरान केंद्र के तमाम ताकतवर मंत्री जिसमें गृह मंत्री विदेश मंत्री पी चिदंबरम सुशील कुमार शिंदे कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह सबने भगवा आतंकवाद, सैफरॉन टेरर  और हिंदू आतंकवाद शब्द कहने शुरू कर दिए 


विकिलीक्स ने कई ऐसे केबल तार और डॉक्यूमेंट दिखाकर बताया कि राहुल गांधी ने अमेरिका के राजदूत से कहा था कि उन्हें चिंता हो रही है भारत में आतंकवादी घटनाओं में बहुत से मुस्लिम पकड़े जा रहे हैं और वह चाहते हैं कि कुछ घटनाओं में हिंदू भी पकड़े जाएं


और उसके बाद कई फर्जी घटनाओं में स्वामी असीमानंद साध्वी प्रज्ञा कर्नल पुरोहित जैसे लोगों को गिरफ्तार किया गया 


समझौता एक्सप्रेस के असली आतंकवादियों को रातों-रात भगा दिया गया और यह पूरी कोशिश की गई कि हिंदू आतंकवादी होते हैं


 लेकिन हिंदुओं का क्या है कोई 8500 देने का वादा करेगा वह उनके कुकर्म  भूल जाएंगे




मिशन शक्ति 2 का जल्द ही टेस्ट होने वाला है और साथ ही पूरी दुनिया में बहुत बड़ा बवाल भी होने वाला है।

मिशन शक्ति 2 का जल्द ही टेस्ट होने वाला है और साथ ही पूरी दुनिया में बहुत बड़ा बवाल भी होने वाला है।


अब से 5 साल पहले जब शक्ति वन का टेस्ट हुआ था तब पूरी दुनिया में जबरदस्त बवाल मचा था और दो वर्ष तक इसी को लेकर खबरें चलतीं रहीं थीं और दुनिया हैरान हो गई थी कि भारत के पास  इतनी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी आई कहां से। 


हालांकि शक्ति दो के टेस्ट के बारे में अभी तक कोई ऑफिशियल न्यूज़ नहीं है लेकिन भारत के सबसे तेज कहे जाने वाले मीडिया हाउस "आज तक" ने इसके बारे में न्यूज रिलीज की है।


यह एक मिसाइल है जिसका काम है अंतरिक्ष में दुश्मन के सैटेलाइट को नष्ट करना और क्योंकि आजकल सभी कुछ अंतरिक्ष से सैटेलाइट द्वारा भेजे गए सिग्नलस पर चलता है अगर उस सिग्नल भेजने वाले सैटेलाइट को ही मार गिराया जाए तो दुश्मन के सभी तरह के हथियार, फाइटर प्लेंस, ड्रोंस,फाइनेंशियल  लेन देन, सभी उन्नत कारखाने, बिजली, रेलवे  या फिर कंप्यूटर और वाई-फाई से कनेक्टिड किसी भी प्रकार के उपकरण यानी कि सभी कुछ  तहस नहस हो जाएगा और जिंदगी एकदम से स्टैंड स्टील यानी कि रुक जाएगी।


ज्यादा चू चां करने वाले पाठकों के लिए अपनी इस पोस्ट के सोर्स का  लिंक दे रहा हूं 


https://www.aajtak.in/defence-news/story/can-india-again-conduct-mission-shakti-to-test-anti-satellite-missile-1972231-2024-06-25




भारत ने इजराइल को 20 टन रॉकेट इंजन, 12.5 टन विस्फोटक चार्ज वाले रॉकेट, 1500 किलो विस्फोटक सामान और 740 किलो गोला-बारूद सप्लाई किया है…

 भारत ने इजराइल को 20 टन रॉकेट इंजन, 12.5 टन विस्फोटक चार्ज वाले रॉकेट, 1500 किलो विस्फोटक सामान और 740 किलो गोला-बारूद सप्लाई किया है…


6 जून को गाजा के नुसीरत कैंप पर इजराइल की बमबारी के बीच फिलिस्तीनी मीडिया कुद्स न्यूज नेटवर्क ने एक वीडियो जारी किया…जिसमें में इजराइल की तरफ से दागी गई मिसाइल का हिस्सा दिखाया गया, इस हिस्से पर 'मेड इन इंडिया' का लेबल लगा हुआ था…


 ‘द वायर’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और इजराइल के एल्बिट सिस्टम्स के बीच एक डील हुई है इसके तहत 20 से अधिक हर्मीस 900 यूएवी/ड्रोन को भारत में तैयार कर इजराइल भेजा गया है। 

इसके अलावा जंगी विमानों के कई पुर्जे भी इजराइल को दिए गए हैं। सरकार के स्वामित्व वाली म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड ने जनवरी 2024 में इजराइल को जंगी सामान निर्यात किया है।


स्वीडन के SIPRI के मुताबिक, भारतीय कंपनी प्रीमियर एक्सप्लोजिव लिमिटिड रॉकेट मोटर के पार्ट्स का निर्माण करती है। 

इसका इस्तेमाल MRSAM और LRSAM मिसाइल में किया जाता है। कंपनी के ऐग्जीक्यूटिव डायरेक्टर टी चौधरी ने 31 मई को एक कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए ये बात स्वीकार की थी कि फिलीस्तीन युद्ध के बीच भारत से इजराइल को हथियार सप्लाई किए गए हैं…


कितना बदलाव आ गया है.... एक वो जमाना था, जब कोई भी छोटा मोटा युद्ध होने पर भी हम इजराइल से सहयोग मांगते थे.


आज भारत इजराइल की सैन्य सहायता कर रहा है.


यह भी सही है.... संसद और UN में फिलिस्तीन के साथ खड़े हो जाओ और बाहर अपने दोस्त इजराइल के साथ.... दिखाने के दाँत अलग और खाने के अलग.


विश्व राजनीति ऐसे ही चलती है.



आज संसद की कार्यवाही शुरू हुई तो राष्ट्रपति के अभिभाषण पे बहस के...

 आज संसद की कार्यवाही शुरू हुई तो राष्ट्रपति के अभिभाषण पे बहस के मुद्दे पर #सत्ता_पक्ष_और_विपक्ष में ठन गई... विपक्ष पहले #NEET का मुद्दा उठाना चाहता था। #लोकसभा_अध्यक्ष का कहना था कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस के दौरान कोई भी सदस्य मुद्दा उठा सकते हैं... सत्ता पक्ष की ओर से धुरंधर ज्ञानी वक्ता #सुधांशु_त्रिवेदी ने बहस शुरू की.. वह सरकार की पिछली तमाम उपलब्धियों का बखान करने लगे.. परंतु विपक्ष के सदस्य लगातार अपनी बातों पर अड़े रहे और विरोध में नारेबाजी करते रहे...


मुझे करीब चार दशक पहले हुए एक #विश्व_स्तरीय_हॉकी_मैच की याद आ गई... संभवतः वह #वर्ल्ड_कप चल रहा था.. या फिर ओलंपिक का कोई सेमी-फाइनल था... मैच शुरू होते ही भारत के एक नामी खिलाड़ी ने 14वें सेकंड में ही सनसनाता हुआ गोल दाग दिया। #कॉमेंटेटर_जसदेव_सिंह बहुत ही ओजस्वी कमेंट्री  करते थे उस दौर में,, उन्होंने इतने शानदार तरीके से इस गोल का वर्णन किया कि भारतीय श्रोताओं का #रोमांच सातवें आसमान पर पहुंच गया... उस मैच की याद इसलिए आ गई क्योंकि आज संसद की कार्यवाही शुरू होते ही कुछ वैसा ही लगा कि जैसे विपक्ष बहुत ही जल्दी बड़ी तेजी से सत्ता पक्ष के डी (D) के भीतर घुस गया है ड्रिबलिंग करते हुए....  लेकिन तभी  अचानक पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ाजी ने खड़े होकर #गोलकीपर (सुधांशु त्रिवेदी) को चुप कराने का आग्रह किया, जिसके लिए पीठासीन अधिकारी ने अनुमति भी दे दी.. और फिर गोलकीपर के रूप में सदन के इस #सबसे_बुजुर्ग_खिलाड़ी ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया।  उन्होंने अपनी वरिष्ठता और अनुभव के अनुरूप बड़े अच्छे ढंग से NEET मामले को सदन में रखा.... लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा जी की वरिष्ठता को प्रापर सम्मान न देते हुए विपक्ष अपनी बातों पर ही अड़ा रहा... और यहीं से मैच में #रिवर्स_ट्विस्ट आ गया.... फिर तो लगा कि विपक्ष अपने उसी पुराने ढर्रे पर जा रहा है, जो उसने 17वीं और 16वीं लोकसभा में अपना रखा था। 


विपक्ष का व्यवहार और संसद का दृश्य देखकर #नारद_संहिता की वह प्रसिद्ध उक्ति भी याद आती रही, जिसमें कहा गया है कि..

न सा सभा यत्र न सन्ति वृद्ध:, वृद्धा न ते ये न वदन्ति धर्मम

धर्म स नो यत्र सत्यमस्ति....., सत्यं न तद्यच्छलमभ्युपैति।।

अर्थात..

 वह सभा सभा नहीं है जिसमें वृद्ध न हों, 

वे वृद्ध #वृद्ध नहीं हैं जो धर्मानुसार ना बोलें

जहां सत्य न हो....... वह धर्म नहीं है 

और जिसमें छल हो, वह सत्य नहीं है।।


संसद में सबसे वृद्ध सदस्य देवगौड़ा जी ने अपनी भूमिका निभाने की सही समय पर बहुत ही शानदार कोशिश की थी, काश कि उनकी वरिष्ठता को यथोचित सम्मान मिल पाता..




दिल्ली एयरपोर्ट के मेंटेनेंस, उसे बनाने, रखरखाव मैनेजमेंट का काम जीएमआर ग्रुप के पास है जिसे मनमोहन सिंह ने 25 साल के लिए दिया था

 दिल्ली एयरपोर्ट के मेंटेनेंस, उसे बनाने, रखरखाव मैनेजमेंट का काम जीएमआर ग्रुप के पास है जिसे मनमोहन सिंह ने 25 साल के लिए दिया था 


आप कल्पना करिए कि यदि अडानी के द्वारा लीज पर लिया गया एयरपोर्ट का छत गिर होता और किसी की मौत हुई होती तब आज देश में क्या माहौल हुआ होता


 लेकिन आपने नोटिस किया होगा सारे देश विरोधी पोर्टल जो इस खबर पर लिख रहे हैं वह जीएमआर का नाम तक नहीं ले रहे


सोचा है क्यो ???


 दरअसल भारत में एक संस्था है जिसका नाम है  INDEPENDENT AND PUBLIC-SPIRITED MEDIA FOUNDATION (IPSMF) 


यह संस्था भारत के हर एक हिंदू विरोधी वामपंथी मोदी विरोधी पोर्टल्स को फाइनेंस करती है


 इस संस्था ने अब तक जिन पोर्टल को फाइनेंस किया है उसमें मूकनायक, बरखा दत्त का मोजो, घोर वामपंथी गांव कनेक्शन, विनोद दुआ का HW, द प्रिंट,  जनजवार, सुनो इंडिया जिहादी जुबेर का अल्ट न्यूज,  सत्याग्रह,  घोर वामपंथी हिंदू विरोधी द वायर,  गांव कनेक्शन


 यह सारे पोर्टल फर्जी खबरों से भारत में अफरातफरी का  माहौल बनाना चाहते हैं भारत में जन विद्रोह करवाना चाहते हैं 


और इस संस्था (IPSMF)  को सबसे बड़ा फाइनेंस जीएमआर ग्रुप देता है 


मैं फिर से कह रहा हूं 10 साल सत्ता में रहने के बावजूद भी मोदी सरकार अपना कोई इकोसिस्टम नहीं बना सकी है जो दक्षिणपंथी मीडिया को बढ़ावा दे




कल Jio वालों ने Telecom charges बढ़ाये... तो चमचों ने हल्ला मचा दिया... कि अम्बानी लूट रहा है... अम्बानी के बेटे की शादी का सारा खर्च हम से वसूला जा रहा है.

 कल Jio वालों ने Telecom charges बढ़ाये... तो चमचों ने हल्ला मचा दिया... कि अम्बानी लूट रहा है... अम्बानी के बेटे की शादी का सारा खर्च हम से वसूला जा रहा है.


Market में मोनोपोली बना दिया रे... Jio लूट रहा है.... Blah Blah 


आज एयरटेल ने दाम बढ़ा दिए.. कुछ ही घंटो में वोडाफोन वाले भी बढ़ा देंगे.


अब कोई इनसे पूछे.. कि एयरटेल वाले मित्तल क्या अपनी जिज्जी के बियाह के खर्च की वसूली कर रहे हैं, या VI के बिरला अपनी फूफी के कन्यादान का शगुन लेंगे आपसे??


दिसंबर 2021 में आखिरी बार Telecom सर्विसेज के दाम बढ़े थे.. उसके बाद आज बढ़ रहे हैं. इन सभी कंपनियों ने 4G और 5G Infra और लाइसेंस पर कई हजारों करोड़ खर्च किये हैं.... उसे कहीं से तो recover करेंगे ना..... अब हर कोई BSNL MTNL तो होता नहीं.. जिसका कर्जा सरकार उतार देगी Taxpayers के पैसों से.


ऐसा ही होता है क्योंकि कम्पनियों के अरबो लगते हैं कोई नई चीज देश को देने के लिए। वो अलग बात है कि जनता इसकी आदि नही क्योंकि उसके लिए महंगाई बढ़ना या दाम बढ़ना पाप समान है, बस सब ऐसे ही मिलता रहे या हो सके तो सैलरी बढ़ती रहे और दाम पीछे जाते हुए 1947 के समय के हो जाएं।


वैसे भी आज भी जो charges हैं, वह 2014 के level से कम ही हैं.. उस ज़माने में 1 GB data और आज के charges से compare कर लीजिये.. पता लग जायेगा.


सीधी सी बात है. Private कंपनी का एक ही उद्देश्य होता है.. पैसा कमाना... तभी वो exist कर पाएगी.. वरना बंद हो जायेगी.




इस सूची को देखकर आपको समझ आ जायेगा कि अमेरिका सदियों से सुपर पॉवर क्यों है। क्योंकि अमेरिका तकनीकी, ज्ञान और परिश्रम की पहचान करना जानता है। इसलिये उद्योगपतियों के लिए ये देश सपनों का देश रहा है।

 इस सूची को देखकर आपको समझ आ जायेगा कि अमेरिका सदियों से सुपर पॉवर क्यों है। क्योंकि अमेरिका तकनीकी, ज्ञान और परिश्रम की पहचान करना जानता है। इसलिये उद्योगपतियों के लिए ये देश सपनों का देश रहा है। 


भारत में तो सबके मष्तिष्क में यही भरा जाता है कि उद्योगपति इतने धनवान इसलिये हो जाते हैं क्योंकि उन्होंने तुम्हारा अधिकार मारा है। यहां तक कि जो व्यक्ति आरक्षण का सहारा लेकर पालित-पोषित है, उसको भी लगता है कि उद्योगपतियों ने उसका अधिकार मारा है, वर्ना वो भी बिल गेट्स या एलोन मस्क बन गया होता। 


भारत में सर्व संसाधन और प्रतिभा होने के बाद भी पिछड़ापन होने का एकमात्र कारण यहां के अधिकांश लोगों की कुंठित मानसिकता रही है। उनको परिश्रम करके सम्मान पाने से अधिक जन्मजात अधिकार मिल जाने की कुंठित मानसिकता का लोभ बना रहता है। 


इसलिये चाहे आरक्षण का लोभ हो या जन्मजात श्रेष्ठता का अहंकार; दोनों ही वृत्तियाँ तुमको परिश्रम से दूर करेंगी अर्थात प्रतिस्पर्धा भरे विश्व में तुमको और तुम्हारी पीढ़ियों को अपाहिज बनाती चली जायेंगी।




साभार एक विमर्श.... यूं तो #भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है

 साभार एक विमर्श.... यूं तो #भारत ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है।लेकिन आज #योग और #आयुर्वेद पर चर्चा कर रहे हैं।ऐसे माहौल में जब #एलोपैथी ने ...